
नेपाल भलिबल संघ ने पहले अंतरराष्ट्रीय भलिबल खिलाड़ी को किया सम्मानित
नेपाल भलिबल संघ ने ५० साल पहले पहली बार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले राष्ट्रीय टीम के खिलाड़ियों को शनिवार को आयोजित गोल्डन जुबिली कार्यक्रम में सम्मानित किया। ऋषिराज आचार्य की कप्तानी में नेपाली टीम ने सन १९७६ में पाकिस्तान के कायदे आजम भलिबल टूर्नामेंट में अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था। सम्मान समारोह में टीम के व्यवस्थापक मधुसमशेर राणाले पाकिस्तान यात्रा के अनुभव और प्रतियोगिता के यादगार पल साझा करते हुए पांच दशकों बाद सम्मान प्राप्त होने पर खुशी जताई। २४ असोज, काठमांडू।
नेपाल के पहले अंतरराष्ट्रीय भलिबल टूर्नामेंट में हिस्सा लेने को ५० वर्ष पूर्ण होने पर नेपाल भलिबल संघ (एनवीए) ने शनिवार को गोल्डन जुबिली कार्यक्रम का आयोजन कर उन खिलाड़ियों को सम्मानित किया। संघ ने पहली बार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता खेलने वाली टीम के सदस्यों को सम्मान पत्र और खादा प्रदान किए। ऋषिराज आचार्य की कप्तानी में नेपाली टीम ने १९७६ में पाकिस्तान में हुए कायदे आजम भलिबल टूर्नामेंट में भाग लेकर अंतरराष्ट्रीय भलिबल में पदार्पण किया था।
समारोह में पहले अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता खेलने वाली टीम के चार खिलाड़ी और व्यवस्थापक मधुसमशेर राणाले भाग लिया। रेशम गुरुङ, रवींद्र श्रेष्ठ, मधुसूदन राना और कपिलकिशोर श्रेष्ठ इस कार्यक्रम में मौजूद थे। कप्तान ऋषिराज आचार्य और महेन्द्रलाल श्रेष्ठ उपस्थित नहीं हो सके। कार्यक्रम में व्यवस्थापक राणाले ५० साल पहले पाकिस्तान में टूर्नामेंट खेलते समय के अनुभव और दिलchस्प घटनाएँ साझा कीं। उन्होंने पांच दशकों बाद संघ द्वारा सम्मानित किए जाने पर गहरी खुशी व्यक्त की।