
एमाले सचिव भट्टराई का अभिव्यक्ति
समाचार सारांश
समीक्षा की गई।
- नेकपा (एमाले) के सचिव डॉ. राजन भट्टराई ने राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) के शक्तिशाली बनने के कारण खोजने बाकी रहने की बात कही है।
- उन्होंने कहा कि देश में भू-राजनीतिक संवेदनशीलता बढ़ने के कारण दलों के बीच राष्ट्रीय एकता बनाए रखने में देर नहीं करनी चाहिए।
- दलों के बीच संवाद शुरू कर राष्ट्रीय एकता स्थापित कर विदेश नीति पर सार्वजनिक बहस करना अत्यंत आवश्यक बताया।
२१ चैत्र, काठमांडू – नेकपा (एमाले) के सचिव डॉ. राजन भट्टराई ने सत्ता में राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) के शक्तिशाली बनने के कारणों की पहचान करना शेष बताया है।
शनिवार को काठमांडू में आयोजित चुनाव मूल्यांकन तथा विदेश नीति विषयक अन्तरक्रिया में उन्होंने यह बात कही।
परराष्ट्रविद् भी रहने वाले सचिव भट्टराई ने कहा, ‘यह पार्टी चुनाव में चमत्कारिक परिणाम लेकर आई है, इसका कारण खोजने की आवश्यकता है।’
उन्होंने कहा, ‘हम अलग-अलग राजनीतिक पृष्ठभूमि और विभिन्न पार्टियों से हैं। आज एक शक्तिशाली दल चमत्कारिक तरीके से उभरा है, इस पर क्या-क्या कारण हैं, इसे खोजने की जरूरत है।’
साथ ही उन्होंने कहा कि देश में भू-राजनीतिक संवेदनशीलता बढ़ गई है इसलिए दलों के बीच राष्ट्रीय एकता बनाकर आगे बढ़ने में विलंब नहीं होना चाहिए।
सचिव भट्टराई ने दलों के बीच त्वरित संवाद शुरू कर राष्ट्रीय एकता स्थापित कर विदेश नीति पर सार्वजनिक बहस करना आवश्यक बताया।
उन्होंने कहा, ‘नेपाल के अंदर राजनीतिक खेल हो सकता है। हमारी भू-राजनीतिक संवेदनशीलता बढ़ रही है। अब सबसे पहला काम राष्ट्रीय एकता स्थापित करना है। आंतरिक रूप से हम प्रतिस्पर्धा और विवाद कर सकते हैं, लेकिन राष्ट्रीय एकता बनाए रखने के लिए प्रयास जरूरी हैं।’
भट्टराई ने आगे कहा, ‘इस संवेदनशील विश्व व्यवस्था के बीच राष्ट्रीय एकता का प्रयास आंतरिक संवाद के माध्यम से होना चाहिए। हम कुछ अलग विचारधारा रखते हैं, फिर भी राष्ट्रीय एकता को प्राथमिकता देनी होगी।’