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सरकारले भन्यो- आवश्यक परे जोर बिजोर प्रणाली लागू हुन्छ

सरकार का कहना है – आवश्यकता पड़ने पर जोर बिरोध प्रणाली लागू की जा सकती है

सरकार ने कहा है कि यदि पेट्रोलियम आपूर्ति में समस्या होती है तो आवश्यकता पड़ने पर जोर बिरोध प्रणाली लागू की जा सकती है। मन्त्रिपरिषद् की बैठक के बाद मंत्री प्रतिभा रावल ने ऊर्जा बचत के लिए थोक बिक्री नियंत्रण और उच्च पदस्थ कर्मचारियों के ईंधन कटौती की जानकारी दी। २४ चैत्र, काठमांडू। सरकार ने पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति में देखी गई समस्या को ध्यान में रखते हुए आवश्यक होने पर जोर बिरोध प्रणाली लागू करने का संकेत दिया है। मंगलवार को हुई मन्त्रिपरिषद् की बैठक के निर्णय प्रस्तुत करते हुए संघीय मामिला तथा सामान्य प्रशासन मंत्री प्रतिभा रावल ने सरकार द्वारा ऊर्जा बचत के लिए किए गए आह्वान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि थोक बिक्री पर नियंत्रण और उच्च पदस्थ कर्मचारियों के ईंधन उपयोग में कटौती की जा चुकी है। ‘‘थोक बिक्री पर नियंत्रण और उच्च पदस्थ कर्मचारियों द्वारा ईंधन में कटौती की जा चुकी है। आवश्यकता पड़ने पर सरकार जोर बिरोध प्रणाली भी लागू करेगी,’’ मंत्री रावल ने कहा, ‘‘सरकार जनता से ‘वर्क फ्रॉम होम’ और विद्युत वाहन उपयोग बढ़ाने का आह्वान करती है।’’ दीर्घकालीन वाहन रूपांतरण के लिए कानूनी प्रावधानों पर कार्य किया जा रहा है और इथेनॉल नीति की तैयारी जारी है, उन्होंने कहा। ‘‘दीर्घकालीन वाहन रूपांतरण के लिए कानूनी प्रावधान बनाए जा रहे हैं। इसके लिए इथेनॉल नीति की तैयारी हो रही है। ईवी पूर्वाधार के विकास में विस्तार के लिए सरकार प्रतिबद्ध है,’’ उन्होंने जोर दिया। साथ ही उन्होंने बताया कि सरकार जनता की परेशानियों को समझती है और पारदर्शी तरीके से काम करती है। ‘‘सरकार पारदर्शी है, सच को छुपाती नहीं है। लेकिन जनता की पीड़ा को समझती है। चलिए ऊर्जा बचत करें, संयमित बनें, धन्यवाद,’’ उन्होंने कहा।

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