नेपाल का मौसम: गर्मी शुरू होते ही ठंड बढ़ी
काठमांडू घाटी समेत देश के विभिन्न क्षेत्रों में गर्मी बढ़ने लगी थी। लेकिन अब चैत माह के अंतिम सप्ताह में भी ठंड इतनी बढ़ गई है कि गर्म कपड़े पहनने पड़ रहे हैं। जल और मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार बुधवार को काठमांडू का न्यूनतम तापमान 10.4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था। विभाग के आंकड़ों के अनुसार एक महीने पहले फागुन 25 तारीख को काठमांडू का न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस था। नेपाल में सामान्यतः मध्य फागुन तक ठंडक बनी रहती है। लेकिन अब पश्चिमी हवाओं के प्रभाव से बारिश हुई और ठंड बढ़ी है, मौसम विज्ञानों ने बताया है।
जल और मौसम विज्ञान विभाग के मौसम विज्ञानी आकाश खनाल के अनुसार पश्चिमी हवाओं के प्रभाव से नेपाल में ठंड और वर्षा हुई है। “कल से ही बादल छाए हुए थे। सूर्य की किरणें न पहुँचने से ठंडक महसूस होना स्वाभाविक है। साथ ही पश्चिमी हवाओं ने नमी के साथ ठंडी हवा भी लाई है,” उन्होंने कहा। “ठंडी हवा के कारण तापमान गिरा है जिससे ठंडक महसूस हो रही है।” विभाग के अनुसार गंडकी प्रदेश समेत कुछ स्थानों में मंगलवार से बारिश शुरू हुई है। बुधवार को राजधानी काठमांडू समेत बागमती, मधेश और कोशी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने के बाद पश्चिमी हवाओं का प्रभाव कम होने की उम्मीद है।
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार गुरुवार सुबह से बादल हट कर धूप निकलने की संभावना है। “कल सुबह तक बादल हटने की संभावना है। इसके बाद मौसम सामान्य रूप से धूप वाला होगा। हम इस स्थिति को अभी भी निगरानी में रखे हुए हैं,” मौसम विज्ञानी खनाल ने बताया। विभाग की मौसम विज्ञानी पूजा लामिछाने ने कहा कि यह कोई दीर्घकालीन मौसमी प्रणाली नहीं है इसलिए ठंड की स्थिति जल्द ही समाप्त हो जाएगी। “ठंडक केवल पश्चिमी हवाओं के आने का परिणाम है,” उन्होंने कहा। “पश्चिमी हवाएं सक्रिय रहने पर ही ठंडक बनी रहती है।”
पश्चिम दिशा से आने वाली इस वायु प्रणाली को वेस्टर्ली या पश्चिमी हवा कहा जाता है, जो मानसून के बाद बारिश लेकर आर्द्रता लाती है। विशेषज्ञों के अनुसार यह प्रणाली अरब सागर से उत्पन्न हो कर ठंड के मौसम में आर्द्रता लिए नेपाल में प्रवेश करती है। इससे पहले यह हवा ईरान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के रास्ते गुजरती है। पश्चिमी वायु प्रणाली में तेज गति से हवा बहती है। दक्षिण एशिया के भौगोलिक संरचना और पर्वतीय इलाके की वजह से इसकी गति और भी तेज हो जाती है, मौसम विज्ञानी बताते हैं। ठंड के मौसम में पश्चिमी हवा के प्रभाव से नेपाल में बारिश होती है। हिमालयी क्षेत्रों से गुजरते हुए यह ठंडक भी लाती है, मौसम विज्ञानी खनाल ने जानकारी दी।