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अख्तियार द्वारा पूर्वसभामुख महराविरुद्ध भ्रष्टाचार मुद्दा दर्ता गर्ने कारण के है?

अख्तियार दुरुपयोग अनुसन्धान आयोग ने पूर्वसभामुख कृष्णबहादुर महरा, उनके पुत्र राहुल सहित कुल 29 व्यक्तियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार से जुड़े मामले दर्ज किए हैं। अख्तियार का आरोप है कि पूर्वसभामुख महरा और उनके पुत्र राहुल ने बार-बार भन्सार कार्यालय से सम्पर्क कर भेप छूटाने का प्रयास किया और साथ ही सुन तस्करी में भी सांठगांठ की। साथ ही मुख्य भन्सार अधिकृत मुक्ति प्रसाद श्रेष्ठ पर सूटकेस की पुनः जांच और भौतिक परीक्षण न करने के कारण भ्रष्टाचार का आरोप भी लगाया गया है। यह जानकारी 27 चैत्र, काठमांडू की है।

अख्तियार ने आरोप लगाया है कि भन्सार कर्मचारियों ने भेप में छुपाए गए सोने की पहचान करने में विफलता दिखाई। सुन तस्करी में संलग्न अन्य लोगों पर भी मिलकर काम करने के आरोप लगे हैं। सुन तस्करी में शामिल लोगों के विरुद्ध पहले ही काठमांडू जिला अदालत में संपत्ति शोधन से संबंधित मुकदमा चल रहा था। इसी मामले में अख्तियार ने एक अन्य मामला भी दर्ज किया है।

घटना 10 पुष 2079 को त्रिभुवन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुई, जब चीनी यात्री ली हांग सुंग दो सूटकेस लेकर नेपाल पहुंचे। भन्सार जांच के दौरान इन सूटकेसों में 73 पैकेटों में कुल 730 इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट (भेप) पाई गई। भन्सार कर्मचारियों ने भेप का भौतिक परीक्षण करने के लिए जांच को रोक दिया और सामान नियंत्रण में ले लिया। हालांकि अख्तियार का आरोप है कि भन्सार कर्मचारियों ने रोकने के बाद पुनः जांच नहीं की।

अख्तियार के अनुसार, यह सामान प्रशासनिक भवन में रखा गया था जबकि इसे गोदाम में संरक्षित किया जाना चाहिए था। बरामद किए गए भेप व्यापारी उदयचन्दन श्रेष्ठ ने परीक्षण में धुआं न निकलने पर शक जताना चाहिए था, किन्तु भन्सार कर्मचारियों ने मिलकर मामला छुपाया, ऐसा अख्तियार दंड आयोग का दावा है। अख्तियार ने पूर्वसभामुख महरा और उनके पुत्र राहुल के साथ संबंधों में घोटाले की दुर्भावना देख कर मुकदमा दायर किया है।

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