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इरान में अमेरिकी-इजराइली हमला: उपराष्ट्रपति वल्स ने होर्मुज स्ट्रेट में ‘आर्थिक आतंकवाद’ का आरोप लगाया

इरान के बंदरगाहों पर अमेरिका द्वारा लगाए गए नाकाबंदी का दौर शुरू हो चुका है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी पूर्वी समयानुसार सोमवार सुबह 10:00 बजे (14:00 GMT) नाकाबंदी शुरु होने की घोषणा की थी। इन घटनाक्रमों के बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेम्स डिफान्टिस वल्स ने इरान सरकार पर होर्मुज स्ट्रेट के माध्यम से आवागमन बाधित कर “आर्थिक आतंकवाद की कार्रवाई” करने का आरोप लगाया है।

एक टेलीविजन साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि, इरानी “आर्थिक आतंकवाद की क्रियाओं में संलग्न” हैं और अमेरिका “किसी भी इरानी जहाज को बाहर जाने नहीं देगा”। वल्स ने साप्ताहिक वार्ता की भी चर्चा की। “शक्ति इरान के कोर्ट में है,” उन्होंने कहा। इससे पहले इरानी संसद के स्पीकर ने तेहरान को “धमकियों के आगे न झुकने” की बात कही थी। ट्रंप के हाल के बयानों पर इरानी अधिकारियों से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

यूके मेरिटाइम ट्रेड ऑपरेशन (UKMTO) द्वारा जारी चेतावनी में कहा गया है कि जहाजों को उस क्षेत्र में “सैन्य उपस्थिति” और “जांच प्रक्रियाओं” का सामना करना पड़ सकता है। इसी बीच ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने वरिष्ठ इरानी अधिकारियों के हवाले से बताया है कि इरान ने पांच वर्षों के लिए परमाणु गतिविधियां रोकने का प्रस्ताव रखा था, जिसे अमेरिका ने खारिज कर दिया। अमेरिका ने 20 वर्षों की रोक पर जोर दिया था।

रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका और इरान के बीच पाकिस्तान में वार्ता हुई लेकिन कोई समझौता नहीं हो पाया। इस विषय पर व्हाइट हाउस से प्रतिक्रिया मांगी गई है। इरान की परमाणु महत्वाकांक्षा द्वंद्व का मुख्य मुद्दा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने बार-बार कहा है कि अमेरिका यह सुनिश्चित करेगा कि इरान के पास परमाणु हथियार न हों। इस बीच संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अमेरिका और इरान से वार्ता फिर शुरू करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा है, युद्ध का कोई सैन्य समाधान नहीं है और यह बात स्पष्ट है।

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