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राष्ट्रिय प्रतिबद्धताको मस्यौदामा कांग्रेस एमाले र नेकपाको प्रतिक्रिया के छ ?

सरकार द्वारा मांगे गए सुझाव पर कांग्रेस, एमाले और नेकपा की प्रतिक्रिया क्या है?

१ वैशाख, काठमाडौं । शासकीय सुधार के लिए राष्ट्रीय प्रतिबद्धता बनाने हेतु सरकार द्वारा मांगे गए सुझावों को राजनीतिक दलों ने सकारात्मक रूप में लिया है। प्रतिनिधि सभा के चुनाव से राष्ट्रीय दल बने ६ दलों के प्रतिबद्धतापत्र/वचनपत्र/प्रतिज्ञापत्र के आधार पर ‘राष्ट्रीय प्रतिबद्धता’ का मसौदा सार्वजनिक किया गया है। सत्ताबाहिर पाँच दल—नेपाली कांग्रेस, नेकपा एमाले, नेकपा, श्रम संस्कृति पार्टी और राप्रपा—से सरकार ने इस मसौदे पर राय और सुझाव मांगे हैं। नए वर्ष के पहले दिन सरकार ने सभी दलों के घोषणापत्र में रखे विषयों को समाहित कर शासकीय सुधार के लिए मसौदा प्रस्तुत करने का दावा किया।

मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस सहित विपक्षी दल एमाले और नेकपाले पार्टी के भीतर आंतरिक चर्चा कर सरकार को राय/सुझाव देने की बात कही है। सुझावों के लिए वैशाख १० की समयसीमा निर्धारित की गई है। कांग्रेस के महामंत्री गुरुराज घिमिरे के अनुसार, सभी दलों द्वारा घोषणापत्र में रखे विषयों को समेटकर राष्ट्रीय प्रतिबद्धता बनाना सरकार की जिम्मेदारी और दायित्व है। कांग्रेस राष्ट्रीय हित, लोकतंत्र के संवर्धन और प्रगति के लिए सरकार का समर्थन करेगी।

दल चुनाव से पहले सार्वजनिक किए गए घोषणापत्रों के आधार पर सरकार द्वारा मांगे गए सुझाव पार्टी में चर्चा कर दिए जाएंगे, यह जानकारी महामंत्री घिमिरे ने साझा की। उन्होंने कहा, ‘सबसे पहले हम इस विषय पर पार्टी के भीतर चर्चा करेंगे और उपयुक्त समय पर अपनी धारणा सार्वजनिक करेंगे। दलों के वचनपत्र, संकल्पपत्र, प्रतिज्ञापत्र और घोषणापत्र के विषयों को राष्ट्रीय प्रतिबद्धता के रूप में आगे बढ़ाए जाने को हम सकारात्मक रूप से देखते हैं।’

सरकार द्वारा मांगे गए सुझावों को अगला विपक्षी दल एमाले मिश्रित आशंकाओं के साथ ले रहा है। एमाले की सचिव पद्मा अर्याल ने कहा कि सरकार की मंशा स्पष्ट होनी चाहिए कि क्या राष्ट्रीय प्रतिबद्धता सिर्फ दिखावा है या वास्तविक प्रयास। उन्होंने कहा, ‘यदि सरकार सिर्फ दिखाना चाहती है तो यह आवश्यक नहीं, लेकिन यदि सकारात्मक भावना से है तो हम इसे नकारात्मक क्यों लें? यदि यह केवल अफवाह है तो अधिक चर्चा करना जरूरी नहीं। इसलिए सरकार का उद्देश्य स्पष्ट होना चाहिए। हम चर्चा करेंगे और राय भी देंगे।’

प्रतिनिधि सभा के चौथे शक्ति नेकपा ने कहा है कि सरकार द्वारा मांगे गए सुझावों के बारे में उन्हें औपचारिक जानकारी नहीं मिली है। नेकपा के नेता देव गुरुङ ने बताया, ‘सरकार ने सुझाव मांगे तो देंगे। जिस विषय पर सुझाव मांगे जाएंगे, उसी पर प्रतिक्रिया देंगे।’ उन्होंने कहा कि वे अपने पार्टी के घोषणापत्र में समाहित मुद्दों का अध्ययन करके ही प्रतिक्रिया दे सकेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार द्वारा मांगे गए सुझावों के संदर्भ में पार्टी में चर्चा कर राय सार्वजनिक की जाएगी।

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