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‘शिक्षा हेतु विश्वव्यापी कार्यसप्ताह’ की शुरुआत, शिक्षा निवेश वृद्धि और बजट कटौती को लेकर चिंता

नेपाल में शिक्षा क्षेत्र में पर्याप्त निवेश सुनिश्चित करने के लिए ‘शिक्षा हेतु विश्वव्यापी कार्यसप्ताह’ की शुरुआत हुई है। राष्ट्रीय अभियान नेपाल (एनसीई) ने शिक्षा क्षेत्र में बजट कटौती हो रहे और अधिक चालू खर्च के कारण पूर्वाधार विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की जानकारी दी है। इस अभियान ने शिक्षा क्षेत्र के कुल बजट का १५–२० प्रतिशत निवेश और अनुदान बढ़ाने की सरकार से मांग की है।

यह कार्यसप्ताह विश्वव्यापी स्तर पर मनाया जा रहा है और नेपाल में ‘शिक्षा वित्त पोषण के लिए अभियान की ज्योति जलाए रखें’ के नारे के साथ चल रहा है। एनसीई ने आज से २७ अप्रैल तक विभिन्न जागरुकता कार्यक्रमों के माध्यम से इस अभियान को आगे बढ़ाया है। संविधान ने आधारभूत और माध्यमिक शिक्षा को निःशुल्क और अनिवार्य बनाया है, लेकिन इसके प्रभावी लागू करने के लिए पर्याप्त बजट आवंटित नहीं किया गया है, ऐसा बताया गया है।

पिछले वर्षों में शिक्षा क्षेत्र में बजट कटौती को लेकर चिंता व्यक्त की गई है। वित्तीय वर्ष २०६७/६८ में कुल राष्ट्रीय बजट का १७ प्रतिशत से अधिक शिक्षा क्षेत्र को दिया गया था, जबकि अब यह लगभग १०.७५ प्रतिशत तक सीमित हो चुका है। प्रदेश और स्थानीय स्तर पर भी शिक्षा क्षेत्र में अपेक्षित निवेश न होने के आंकड़े प्रस्तुत किए गए हैं।

एनसीई के अध्यक्ष लबराज ओली ने विदेशी सहायता में कमी और ऋण बोझ में वृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि आने वाले दिनों में शिक्षा क्षेत्र में और भी चुनौतियां उत्पन्न होंगी। अभियान के तहत केंद्रीय, प्रदेश और स्थानीय स्तर पर संवाद, चर्चा, नागरिक सभाएँ, रेडियो संदेश और सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की जानकारी दी गई है।

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