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सोलुखुम्बु में पहली बार जिपलाइन शुरू

फाइल तस्वीर


समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा किया गया।

  • सोलुखुम्बु के नेचासल्यान गाउँपालिका ने गौरीटाप में पहली बार 550 मीटर लंबी जिपलाइन का संचालन शुरू किया है।
  • जिपलाइन समेत पाँच प्रकार के मनोरंजन स्थल निर्माण में 80 लाख रुपये की लागत हुई है, जो उपाध्यक्ष बिना राई ने बताई।
  • गाउँपालिका ने कुल आय का 70 प्रतिशत स्थानीय तह और 30 प्रतिशत भेडिखोर सामुदायिक वन को देने का प्रावधान किया है।

8 वैशाख, सोलुखुम्बु। सोलुखुम्बु के नेचासल्यान गाउँपालिका गौरीटाप में पहली बार जिपलाइन शुरू हुई है। नेचासल्यान गाउँपालिकाने पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से समुद्र तल से लगभग तीन हजार मीटर ऊंचाई पर स्थित पर्यटक स्थल पत्ताले के सीमा क्षेत्र गौरीटाप में जिपलाइन का निर्माण कर उसकी शुरुआत की है।

अंतराष्ट्रीय और स्थानीय पर्यटकों को आकर्षित कर नागरिकों की आय में वृद्धि करने, पड़ोसी जिलों और स्थानीय तहों में पर्यटन को बढ़ावा देने एवं ग्रामीण पर्यटन को समर्थन देने के लिए पर्यटक क्षेत्र की आधारभूत संरचना का निर्माण किया गया है, ऐसा नेचासल्यान गाउँपालिका के अध्यक्ष धनजन राई ने बताया।

नेचासल्यान गाउँपालिका ने 80 लाख रुपये की लागत के साथ साहसिक खेल जिपलाइन, साइक्लिंग, स्वीमिंग, क्लाइम्बिंग और व्यूपॉइंट सहित पाँच प्रकार के मनोरंजन स्थल तैयार किए हैं, यह जानकारी उपाध्यक्ष बिना राई ने दी।

योजना निर्माण के लिए कालिका निर्माण सेवा के साथ 2082 साल साउन 11 तारीख को सम्झौता हुआ था, नेचासल्यान गाउँपालिका के पूर्वाधार विकास शाखा के इंजीनियर सुजन शर्मा ने बताया। उन्होंने कहा कि योजना को 2082 साल चैत्र तक पूरा करने का लक्ष्य था, जिसे नई साल के अवसर पर 2083 साल वैशाख 1 तारीख को गांवपालिका को सौंप कर 550 मीटर लंबी जिपलाइन का उद्घाटन किया गया।

गाउँपालिका अध्यक्ष राई ने उद्घाटन के दिन, वैशाख 1 को नए साल पर परीक्षण के रूप में जिपलाइन को संचालित किया था। उस दिन सौ से अधिक लोगों ने साहसिक खेल जिपलाइन का आनंद लिया।

गौरीटाप में नेचासल्यान गाउँपालिका-1 और सोलुदुधकुण्ड नगरपालिका-8 के पत्ताले के सीमा क्षेत्र में बनी जिपलाइन को नियमित रूप से संचालित करने के लिए ठेका आव्हान कर आधिकारिक संस्था को जिम्मेदारी सौंपने का योजना है, यह गाँवपालिका ने बताया।

गाउँपालिका ने बताया कि इस परियोजना की कुल आय का 70 प्रतिशत राशि स्थानीय तह को और 30 प्रतिशत राशि भेडिखोर सामुदायिक वन को प्रदान की जाएगी। सोलुखुम्बु के पत्ताले और गौरीटाप क्षेत्र से सगरमाथा सहित कई मनोहारी हिमशृंखलाएं देखी जा सकती हैं। इस क्षेत्र ने हाल ही में पर्यटन का ‘हब’ बनने की दिशा में तेजी पकड़ी है।

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