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नेपाल महिला एकता समाज का आग्रह: बिना विकल्प सुकुमवासी को हटाने न दें

नेपाल महिला एकता समाज ने बिना विकल्प के भूमिहीन सुकुमवासी को हटाने से रोकने का आग्रह किया है। ११ वैशाख, काठमाडौं। समाज ने एक वक्तव्य जारी करते हुए प्रधानमंत्री द्वारा सुकुमवासी बस्ती खाली करने के निर्देश पर अपनी चिंता जताई है। इस बस्ती में रहने वाली महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और विकलांग व्यक्तियों के साथ किए गए इस कठोर निर्णय पर समाज ने कड़ी आपत्ति व्यक्त की है।

समाज के अनुसार, राज्य द्वारा बिना विकल्प प्रदान किए जबरन उठीबास करने से संविधान द्वारा सुनिश्चित नागरिकों के जीवन यापन के अधिकार का गंभीर उल्लंघन होगा। समाज ने बिना विकल्प के दमन कर जबरन उठीबास करने की कार्रवाई तुरंत रोकने का आग्रह किया है। वक्तव्य में कहा गया है, ‘इस निर्णय को तत्काल संशोधित कर सम्मान के साथ भूमि और आवास में रहने के अधिकार का सम्मान करने के लिए संबंधित सभी का ध्यानाकर्षण कराते हैं।’

अगर यह निर्णय नहीं सुधारा गया तो इस मुद्दे पर मानवाधिकारकर्मी, नागरिक समाज और संबंधित सभी मिलकर आवाज उठाएंगे तथा सड़क पर भी उतरने की चेतावनी दी गई है।

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