
खानेपानी डिविजन के तत्कालीन प्रमुख किशोरीप्रसाद यादव पर डेढ़ करोड़ के भ्रष्टाचार के मामले में मुकदमा दर्ज
समाचार सारांश
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- अख्तियार दुरुपयोग अनुसन्धान आयोग ने किशोरीप्रसाद यादव पर डेढ़ करोड़ रुपये के बराबर भ्रष्टाचार के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है।
- 2047 असार 31 से 2080 पुष 9 तक यादव की आय-व्यय में 1 करोड़ 46 लाख से अधिक स्रोत अनपुष्ट पाए गए हैं, यह अख्तियार ने बताया है।
- अख्तियार ने यादव की पत्नी निर्मला कुमारी की नाम पर मौजूद संपत्ति जब्त करने तथा जेल की सजा देने की मांग की है।
16 वैशाख, काठमाडौं। खानेपानी एवं सफाई विभाग, कलैया के तत्कालीन कार्यवाहक प्रमुख किशोरीप्रसाद यादव पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये के बराबर भ्रष्टाचार के आरोप में अख्तियार दुरुपयोग अनुसन्धान आयोग ने मुकदमा दर्ज किया है।
यादव की सेवा अवधि 2047 असार 31 से 2080 पुष 9 तक के दौरान जांच में उनकी आय के स्रोत नखुले पाए जाने के आधार पर बुधवार को विशेष अदालत में भ्रष्टाचार मामले की सुनवाई दर्ज हुई है।
अख्तियार के अनुसार यादव की वैध आय में वेतन, भत्ते, घर बिकवाली की आय, ऋण-सापटी, ब्याज आय, कृषि से आय, तथा पुत्र एवं पत्नी की आय समेत कुल 3 करोड़ 46 लाख 21 हजार रुपये दर्ज हैं।
इसी जांच अवधि के दौरान यादव एवं उनके परिवार के सदस्यों के व्यय में जमीनी खरीदी, मकान निर्माण, शेयर ख़रीद, वाहन खरीद, अध्ययन खर्च, ऋण चुकाना, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खरीद एवं आंतरिक सजावट आदि सहित कुल 4 करोड़ 93 लाख 2 हजार 626.99 रुपये खर्च किए गए हैं।
कुल आय की तुलना में कुल व्यय 1 करोड़ 46 लाख 81 हजार 225.90 रुपये अधिक होने की वजह से स्रोत पुष्ट न हो पाने की बात अख्तियार ने कही है। इस अवैध संपत्ति को यादव की पत्नी निर्मला कुमारी के नाम पर भी पाया गया है, जिससे भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 2059 के तहत ज़ब्ती, जुर्माना और जेल सज़ा की मांग की गई है।
अख्तियार ने यादव की पत्नी निर्मला कुमारी की नाम पर संपत्ति जब्त करने की भी अदालत से मांग की है। उनके विरुद्ध अन्य मामलों में भी जांच अभी जारी है।