
मनाङ में यार्सागुम्बा संग्रहण प्रक्रिया शुरू
१६ वैशाख, मनाङ। मनाङ में औषधीय जड़ी-बूटी यार्सागुम्बा का संग्रहण प्रक्रिया शुरू हो गई है। बुधवार से यार्सागुम्बा संग्रहण प्रारंभ किया गया है। संरक्षण क्षेत्र प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं नासों–८ के वार्ड अध्यक्ष याद घले ने जानकारी दी कि यहां के कई खार्कों में यार्सागुम्बा पाया जाता है, फिर भी संग्रहण नासों गाउँपालिका–८ ताचैस्थित नाम्ग्या लेक से शुरू किया गया है। ‘यार्सा मिलने वाले नजदीकी खार्क से संग्रहण शुरू हुआ है। संग्रहकर्त्ताओं ने बताया है कि पहले की तुलना में उत्पादन में गिरावट आई है,’ उन्होंने कहा, ‘यह समस्या के रूप में विकसित हो रही है।’
संरक्षण क्षेत्र प्रबंधन नियमावली २०५३ और संरक्षण प्रबंधन निर्देशिका २०५६ के अनुसार हिमालयी क्षेत्र में स्थित राष्ट्रीय निकुञ्ज, आरक्षण, संरक्षण क्षेत्र और मध्यवर्ती क्षेत्रों में यार्सागुम्बा प्रबंधन (संग्रहण और ओसार-पोसार) निर्देशिका २०८० तथा अन्य संबंधित कानूनों का पालन कर अन्नपूर्णा संरक्षण क्षेत्र आयोजन इलाका संरक्षण कार्यालय से यार्सागुम्बा तथा अन्य जड़ी-बूटियों के संग्रहण के लिये अनुमति प्राप्त करने के बाद ही संरक्षण प्रबंधन समिति द्वारा संग्रहकर्त्ताओं को उनके कार्यक्षेत्र के भीतर संग्रहण पुर्जी प्रदान की जाती है।
जिले की सभी स्थानीय तह के अंतर्गत आने वाले संरक्षण क्षेत्र के वनक्षेत्रों में यार्सागुम्बा संग्रहण की अनुमति दी जाती है, जबकि जिला बाहरी नेपाली नागरिकों के संग्रहण की अनुमति अन्नपूर्ण संरक्षण क्षेत्र आयोजन (एक्याप) इलाका संरक्षण कार्यालय मनाङ की देख-रेख में संरक्षण प्रबंधन समिति ही देती है। कार्यालय की अनुमति मिलने के बाद ही संग्रहकर्त्ता खार्क में जाने का अधिकार रखते हैं। मनाङ के साथ-साथ लमजुङ, गोरखा और धादिङ के लोग यार्सागुम्बा संग्रहण के लिए मनाङ के लेक आते हैं।
नार्पाभूमि के खार्क में केवल जिले के नागरिकों को यार्सागुम्बा संग्रहण की अनुमति दी जाती है, बाहरी जिले के नागरिकों को अनुमति का प्रावधान नहीं है। ‘‘भौगोलिक रूप से विकट होने के कारण सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए नार्पाभूमि के खार्क में यार्सागुम्बा संग्रहण की अनुमति नहीं दी गई है,’’ उन्होंने कहा, ‘‘अन्य स्थानीय तह के खार्क, जैसे खाङ्सार, हुलाकी ओडार और पिसाङ सहित जिले के सभी खार्कों में यार्सागुम्बा संग्रहण की अनुमति दी गई है।’
केवल स्थानीय लोगों द्वारा संग्रहण किए जाने पर खार्क की सुरक्षा में आसानी की अपेक्षा की जा रही है। अन्नपूर्णा संरक्षण क्षेत्र आयोजन (एक्याप) इलाका कार्यालय मनाङ के संयोजन में संरक्षण क्षेत्र प्रबंधन समिति द्वारा यार्सागुम्बा संग्रहण की अनुमति मिलने के बाद ही खार्क जाने की व्यवस्था है। नाम्ग्या खार्क में स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहरी जिलों से आए व्यक्तियों को भी संग्रहण की अनुमति दी जाती है। सहायक प्रमुख जिल्ला अधिकारी कृष्णप्रसाद पौडेल ने बताया कि जिले के भीतर यार्सागुम्बा संग्रहण का मौसम शुरू होने के साथ सुरक्षा प्रबंधों को कड़ाई से लागू किया गया है। –रासस