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रुकुम पुगेर प्रचण्डले भने – निर्वाचन असामान्य, गहिरो अनुसन्धान आवश्यक

रुकुम पहुंचे प्रचण्ड ने कहा – चुनाव असामान्य, गहन जांच आवश्यक है

समाचार सारांश

समीक्षात्मक रूप से तैयार।

  • नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के संयोजक पुष्पकमल दाहाल प्रचण्ड ने फाल्गुन २१ के चुनाव को असामान्य और अस्वाभाविक कहा है।
  • प्रचण्ड ने चुनाव परिणामों में मत घटने और बढ़ने वाले क्षेत्रों की रिपोर्टों का अध्ययन कर गहन जांच की आवश्यकता जतायी।
  • उन्होंने कम्युनिस्ट आंदोलन के पुनर्गठन की जरूरत बताई और कहा कि पार्टी की विस्तारित बैठक ने पहल शुरू कर दी है।

१७ वैशाख, रुकुम पश्चिम। नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के संयोजक पुष्पकमल दाहाल प्रचण्ड ने फाल्गुन २१ को चुनाव को असामान्य और अस्वाभाविक बताया है।

अपना निर्वाचन क्षेत्र रुकुम पूर्व जाते हुए रुकुम पश्चिम में पहुंचकर मुसिकोट में पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रचण्ड ने चुनाव और उसके परिणाम को असामान्य और अस्वाभाविक कहा।

‘परिणाम जैसा आया है, वह कई जगहों की रिपोर्ट सुनने पर सहज रूप से सामान्य नहीं लगता। कुछ स्थानों पर उम्मीदवारों ने अपने डाले हुए वोट भी अपने नाम नहीं होने की बात कही, कुछ जगहों पर जो जीत की उम्मीद नहीं थी वहां भी इतने अधिक वोट कैसे आए, कुछ जगहों से तो हमारे वोटों के खो जाने के आरोप जैसी रिपोर्टें भी आईं। जब हमने इन सभी को समीक्षा किया तो यह चुनाव सामान्य नहीं माना जा सकता,’ उन्होंने कहा।

उन्होंने कहा कि इसकी गहन अध्ययन और जांच आवश्यक है। हालांकि, राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी को मिले लगभग दो तिहाई मतों को वे स्वीकार करते हैं।

प्रचण्ड ने कहा कि उनकी पार्टी सरकार द्वारा किए गए अच्छे कामों का समर्थन करेगी और गलत कामों की आलोचना करते हुए रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएगी।

उन्होंने बताया कि अब नेकपा युवाओं को विशेष प्राथमिकता देगी। वॉर्ड से लेकर केंद्र तक चुनावी नेतृत्व चयन होगा और प्रत्येक कमिटी में ५० प्रतिशत युवा व नवयुवाओं को प्रतिनिधित्व मिलेगा।

संयोजक प्रचण्ड ने पूरा कम्युनिस्ट आंदोलन के पुनर्गठन की जरूरत बताई। ‘हमारी पार्टी अकेले बेहतर बनने से काम नहीं चलेगा, पूरे नेपाल के कम्युनिस्ट आंदोलन को पुनर्गठित करना जरूरी है। वर्तमान चुनाव में कम्युनिस्टों को जो झटका लगा है, उसे ध्यान में रखकर अखिल नेपाल कम्युनिस्ट आंदोलन के पुनर्गठन हेतु पार्टी की विस्तारित बैठक ने निर्णय लिया है और इस दिशा में पहल शुरू हो चुकी है।’

इस बीच उन्होंने सरकार के हाल के निर्णयों की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि सुकुमवासी लोगों को बल प्रयोग से हटाना, ट्रेड यूनियन को खत्म करना, छात्र संगठनों पर प्रहार, अध्यादेश लाना और संसद की बैठक स्थगित करना असंवैधानिक है।

प्रचण्ड ने कहा कि सरकार के हाल के कुछ कदम तानाशाही की दिशा में जा सकते हैं, इसलिए उन्होंने सरकार को सुधार की सलाह दी। उन्होंने खुद को इस सरकार का अभिभावक बताया और कहा कि वे गलत कार्यों पर हमेशा सतर्क रहेंगे।

अंत में उन्होंने कहा कि वे पुराने राजनीतिक दलों के बीच सहयोग बढ़ाकर संविधान और गणतंत्र की रक्षा के लिए नेतृत्व करेंगे और अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक संबंधों को मजबूत बनाने के लिए प्रयासरत रहेंगे।

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