
७ वर्षीय बालक ने श्रीलंका से भारत तक पौंडी लगाकर नया कीर्तिमान स्थापित किया
समाचार सारांश
समीक्षा पश्चात तैयार किया गया।
- ७ वर्षीय भारतीय बालक ईशांक सिंह ने श्रीलंका से भारत तक २९ किलोमीटर की दूरी ९ घंटे ५० मिनट में पौंडी लगाकर नया रिकॉर्ड बनाया।
- यूनिवर्सल रिकॉर्ड्स फोरम ने सिंह को विश्व के सबसे कम उम्र के पौंडीबाज का प्रमाणपत्र प्रदान किया।
- राँची के सांसद तथा केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने ईशांक को सोशल मीडिया पर बधाई देते हुए इसे भारत के लिए एक महान उपलब्धि बताया।
१८ वैशाख, काठमांडू। भारत के झारखंड प्रांत के राँची से लगभग ७ वर्ष के बालक ईशांक सिंह ने श्रीलंका से भारत तक पौंडी लगाकर एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया है।
उन्होंने २९ किलोमीटर की दूरी ९ घंटे ५० मिनट में पार की। ईशांक ने श्रीलंका के तलाईमन्नार से भारत के धनुषकोडी तक पूरी यात्रा पौंदकर पूरी की।
भारतीय मीडिया ने उन्हें विश्व के सबसे कम उम्र के पौंडीबाज के रूप में चर्चा की है। इस असाधारण उपलब्धि के लिए यूनिवर्सल रिकॉर्ड्स फोरम ने उन्हें प्रमाण पत्र प्रदान किया है।
इससे पहले यह रिकॉर्ड तमिलनाडु के जय जसवंत के नाम था, जिन्होंने २०१९ में १० वर्ष की आयु में इस दूरी को १० घंटे ३० मिनट में पार किया था।
राँची के डोरंडा में जवाहर विद्या मंदिर श्यामली स्कूल में कक्षा ३ के छात्र ईशांक ने इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए धुर्वा बाँध में रोजाना ४ से ५ घंटे कठिन अभ्यास किया था।
9 घंटे 50 मिनट में 29 KM की तैराकी… 7 साल के नन्हे तैराक ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड
राँची के धुर्वा क्षेत्र के ७ वर्षीय छोटे पौंडीबाज ईशांक ने श्रीलंका के तलाईमन्नार से भारत के धनुषकोडी तक लगभग २९ किलोमीटर का खतरनाक समुद्री मार्ग ९ घंटे ५० मिनट में पूरा करते हुए विश्व रिकॉर्ड बनाया है। pic.twitter.com/lCiJnogAsI
— NDTV India (@ndtvindia) May 1, 2026
ईशांक ने अपने प्रशिक्षक अमन जायसवाल और बजरंग कुमार के मार्गदर्शन में विशेष प्रशिक्षण प्राप्त करके यह सफलता प्राप्त की है।
उनके साथ पौंडी लगाते वक्त सुरक्षा टीम डिंगियों के माध्यम से पीछा करती रही।
राँची के सांसद और केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने सोशल मीडिया पर ईशांक को बधाई दी है।
उन्होंने कहा, ‘राँची के बालक की अद्भुत उपलब्धि! ईशांक सिंह ने २९ किलोमीटर लंबा पाक जलडमरूमध्य पार करते हुए विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया है। यह भारत के लिए भी अतुलनीय उपलब्धि है। उन्होंने केवल ९ घंटे ५० मिनट में तलाईमन्नार (श्रीलंका) से धनुषकोडी (भारत) तक पौंडी लगाई है और विश्व के सबसे कम उम्र के पौंडीबाज बने हैं।’
