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चीन काठमाण्डू-केरुङ रेल अध्ययन को अंतिम रूप देने के चरण में, रक्सौल जोड़ने वाली रेल योजना में क्या प्रगति हुई?

चिनियाँ भाषामा केही लेखिएको देखिएको एउटा रेल

तस्बिर स्रोत, Getty Images

तस्बिरको क्याप्शन, चीन युरोप और एशिया के विभिन्न क्षेत्रों के लिए कार्गो सेवा प्रदान करने वाली रेल चला रहा है

चीन और भारत ने नेपाल में अलग-अलग रेलमार्ग निर्माण की रुचि दिखाई है।

नेपाली अधिकारियों के अनुसार, चीनी पक्ष काठमाण्डू-केरुङ रेलमार्ग की संभाव्यता अध्ययन पर आधारित रिपोर्ट आगामी डेढ़ महीने में सरकार को सौंपने की तैयारी कर रहा है, जबकि काठमाण्डू घाटी को भारत की सीमा से जोड़ने वाली रेलवे लाइन के विषय में नेपाल ने दिल्ली को चार सुझाव प्रदान किए हैं।

लगभग डेढ़ महीने पहले भारत की राज्यसभा में लिखित जवाब देते हुए भारतीय रेल मंत्री ने 136 किलोमीटर लंबे रक्सौल-काठमाण्डू रेलमार्ग का ‘अंतिम स्थल सर्वेक्षण’ पूरा होने और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार होने की जानकारी दी थी।

कुछ दिन पहले ही काठमाण्डू-केरुङ रेल निर्माण के अध्ययन में लगे चीनी दल ने भौतिक पूर्वाधार एवं यातायात मंत्रालय में प्रस्तुति दी थी।

प्रस्तुति में रेलमार्ग के डिजाइन और लागत से संबंधित विषय शामिल थे, परन्तु नेपाली अधिकारियों ने कहा है कि रिपोर्ट मिलने के बाद ही इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण और संभावित निवेश के ढांचे पर चर्चा होगी।

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