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प्रधानमंत्री का दावा: सुकुमवासी बस्तियाँ खाली करने का मकसद आवास सुनिश्चित करना है

२१ वैशाख, काठमांडू। प्रधानमंत्री वलेन्द्र शाह (बालेन) ने सुकुमवासी बस्तियाँ खाली करने का मकसद आवास का अधिकार सुनिश्चित करना बताया है। उन्होंने कहा कि इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए निरंतर प्रयास जारी हैं। प्रधानमंत्री ने सोमवार को सोशल मीडिया फेसबुक पर स्पष्ट किया कि नागरिकों को हटाना नहीं बल्कि नियमों के अनुसार बस्तियाँ खाली की गई हैं। उन्होंने कहा, ‘नेपाल सरकार यह स्पष्ट करना चाहती है कि जो भी कदम उठाए जा रहे हैं, उनका उद्देश्य नागरिकों को हटाना नहीं बल्कि आवास के अधिकार सुनिश्चित करना और समस्या का स्थायी समाधान निकालना है।’

उन्होंने आगे कहा, ‘इसलिए नागरिकों से अपील है कि वे भ्रमित न हों, अनावश्यक रूप से घबराएं नहीं और गलत सूचनाएं न फैलाएं।’ सरकार हर भूमिहीन नागरिक को सुरक्षित, सम्मानजनक और दीर्घकालीन आवास सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, जिससे कोई नागरिक बेघर न रहे। प्रधानमंत्री ने बताया कि दीर्घकालीन समाधान में बाधा पैदा करने वाले भूमि संबंधी ऐन २०७८ के कुछ प्रावधानों को वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अध्यादेश के माध्यम से हटाया गया है।

प्रधानमंत्री बालेन ने बताया कि कानूनी अड़चनों को हटा लेने के बाद वास्तविक भूमिहीन नागरिकों का डिजिटल रूप में तथ्य-संग्रह, विवरण सत्यापन और स्पष्ट आधार पर रिकॉर्ड तैयार करने का काम शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा, ‘यह प्रक्रिया भूमिहीन नागरिकों की वास्तविक स्थिति की पहचान कर सही, पारदर्शी और स्थायी समाधान की ओर सरकार को आगे बढ़ने में मदद करेगी।’ साथ ही उन्होंने कहा कि जिन असुरक्षित स्थानों पर जीवन जोखिम में है, उन नागरिकों के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित स्थानांतरण की व्यवस्था की जाएगी।

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