
यूरोप में अमेरिका की अकेलेपन और NATO का भविष्य क्या होगा?
समाचार सारांश की समीक्षा की गई है। जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने कहा है कि अमेरिका के पास ईरान के खिलाफ विश्वसनीय युद्ध रणनीति नहीं है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने जर्मनी, इटली और स्पेन से अमेरिकी सैनिक वापस बुलाने की धमकी दी है। ७५ साल पुराने NATO को वर्तमान में अस्तित्व संकट का सामना करना पड़ रहा है और इसका भविष्य अनिश्चित दिखाई देता है। २१ वैशाख, काठमांडू। जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने एक टेलीविजन इंटरव्यू में कहा, ‘अमेरिका के पास कोई विश्वसनीय रणनीति नहीं है, केवल युद्ध शुरू करना ही पर्याप्त नहीं है, उससे बाहर निकलने का रास्ता भी पता होना चाहिए।’ यह बयान अमेरिका और यूरोप के बीच ईरान युद्ध से संबंधित तनाव को उजागर करता है। चांसलर मर्ज की कड़ी आलोचना पर अमेरिका के आक्रोशित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने जर्मनी, इटली और स्पेन में दशकों से तैनात हजारों अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाने की चेतावनी दी है। इससे NATO के भविष्य पर विवाद और असमंजस बढ़ गया है।
1949 में स्थापित इस शक्तिशाली सैन्य गठबंधन के ७५ साल के इतिहास में यह अब अस्तित्व संकट का सामना कर रहा है। ‘अमेरिका का अपमान’ बताते हुए चांसलर मर्ज ने 28 फरवरी 2023 को अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किए गए ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ अभियान की कड़ी निंदा करते हुए पूर्व युद्धों की तरह इसके असफल होने का अनुभव याद दिलाया है। मर्ज के अनुसार, “हमने अफगानिस्तान में 20 साल और इराक में भी दर्दनाक अनुभव किए हैं, अमेरिका ईरान के साथ बिना स्पष्ट योजना के भिड़ गया है लेकिन सुरक्षित निकास का कोई तरीका नहीं है।” उन्होंने कूटनीतिक रूप से यह बताया कि ईरान अमेरिकी दबाव को परास्त कर रहा है और इससे अमेरिका की वैश्विक प्रतिष्ठा पर गंभीर प्रभाव पड़ा है। इससे यूरोपीय देशों की असंतुष्टि और ट्रम्प प्रशासन के साथ संबंध और तनावपूर्ण हो गए हैं।
बर्लिन के एक वरिष्ठ कूटनीतिज्ञ ने कहा, “मर्ज ने यूरोप के कई नेताओं की साझा चिंता को सार्वजनिक किया है।” सैनिक वापसी की धमकी चांसलर मर्ज की आलोचना के बाद ट्रम्प ने सोशल मीडिया ‘ट्रुथ सोशल’ के माध्यम से जर्मनी से सैनिक वापस लेने की चेतावनी दी है। सवालों के जवाब में उन्होंने इटली और स्पेन से भी संभावित वापसी के संकेत दिए हैं। यह शैली ट्रम्प के लिए नई नहीं है, 2016 के चुनाव के बाद से ही वे यूरोपीय देशों पर पर्याप्त रक्षा बजट न लगाने का आरोप लगाते आए हैं। लेकिन ईरान युद्ध के इस संवेदनशील समय पर दी गई धमकी ने अमेरिकी सुरक्षा प्रतिबद्धताओं को लेकर चिंता बढ़ा दी है।