
संयुक्त अरब अमीरात की सरकार के तेल टैंकर पर हमला, भयंकर आग और घायल
फाइल तस्वीर
समाचार सारांश
एआई द्वारा तैयार, संपादकीय समीक्षा के साथ।
- संयुक्त अरब अमीरात के फुजैरा तेल बंदरगाह स्थित टैंकर पर हुए हमले से भयंकर आग लगी और तीन लोग घायल हुए।
- यूएई ने कहा है कि उसकी हवाई रक्षा प्रणाली ने १२ बैलिस्टिक मिसाइल, ३ क्रूज मिसाइल और ४ ड्रोन रोकने में सफलता पाई।
- इरान पर संदेह जताया गया है, जबकि ईरानी सैन्य अधिकारी ने कहा है कि यूएई को निशाना बनाने कोई योजना नहीं है।
गुरुवार, २२ अप्रैल, काठमाडौँ – संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्रालय ने अपनी सरकार की तेल कंपनी के टैंकर पर हमले की जानकारी दी है। फुजैरा तेल बंदरगाह पर हुई इस घटना के दौरान भयंकर आग लगी और तीन लोग घायल हुए, अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है।
यूएई ने बताया कि उनकी हवाई रक्षा प्रणाली ने १२ बैलिस्टिक मिसाइल, ३ क्रूज मिसाइल और ४ ड्रोन को सफलतापूर्वक रोक दिया।
यूएई ने इस घटना को ‘‘खतरनाक’’ उल्लंघन बताया और अपने जवाब देने का अधिकार सुरक्षित रखा है।
जबकि इरान पर इस हमले में शामिल होने का शक जताया गया है, ईरानी सरकारी टीवी पर एक सैन्य अधिकारी ने कहा है कि ‘‘यूएई को निशाना बनाने की कोई योजना नहीं है।’’
हमले के बाद कच्चे तेल की कीमत प्रति बैरल 115 डॉलर से ऊपर चली गई, जो कि दिनभर 5 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि है।
फुजैरा यूएई के पूर्वी तट पर होर्मुज जलडंडी के बाहरी इलाके में स्थित है। अबू धाबी के तेल क्षेत्रों से तेल पाइपलाइन के जरिए यहां लाया जाता है, जिससे होर्मुज जलडंडी बंद होने पर भी विश्व बाजार में कुछ हद तक तेल निर्यात संभव होता है।
इसी बीच, दक्षिण कोरियाई ने यूएई के पास अपने एक जहाज पर हुए विस्फोट की रिपोर्ट दी है।
ओमान में होर्मुज जलडंडी के सतह के पास बुका क्षेत्र में एक आवासीय इमारत पर हमला हुआ, जिसमें दो लोग घायल हुए।
पड़ोसी कतर ने इन हमलों की निंदा की है और समुद्री मार्गों को बिना किसी शर्त के फिर से खोलने का आह्वान किया है।
रविवार को पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने घोषणा की थी कि अमेरिका होर्मुज जलडंडी में फंसे जहाजों को हटाने के लिए ‘प्रोजेक्ट फ्रिडम’ अभियान शुरू करेगा। इसके तहत सोमवार को अमेरिका ने जलडंडी में सात छोटे ईरानी वेनिस पर हमला किया।
एक अमेरिका का झंडाधारी जहाज हमले के बाद सुरक्षित तरीके से उस क्षेत्र से बाहर निकलने में सफल रहा।
ट्रम्प ने विश्व के देशों को अपनी ‘‘तटस्थ और निर्दोष’’ जलयान सुरक्षित निकालने के लिए सहयोग करने का आग्रह किया, परंतु उन्होंने विस्तार से जानकारी दिए बिना चेतावनी दी कि मानवता के प्रयासों को रोकने पर कड़ी कार्रवाई होगी।