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प्रधानमंत्री बालेन ने विद्यार्थी और कर्मचारी संगठन खारेज पर स्पष्टता से कहा

२२ वैशाख, काठमाडौं । प्रधानमंत्री वालेन्द्र शाह (बालेन) ने विद्यार्थी संगठन और कर्मचारी ट्रेड यूनियन खारेज को पार्टी विरोधी संघर्ष के रूप में न देखने का आग्रह किया है। जब विद्यार्थी संगठन और कर्मचारी ट्रेड यूनियन खारेज का विरोध हो रहा था, तब उन्होंने सरकार के इस निर्णय को प्रणाली को बचाने का प्रयास बताया। ‘‘यह कोई पार्टी के खिलाफ लड़ाई नहीं है। यह प्रणाली बचाने का प्रयास है। यह भविष्य बचाने का प्रयास है,’’ प्रधानमंत्री ने फेसबुक पर लिखा, ‘‘यह देश को दलगत कब्जे से मुक्त कर संस्थागत मार्ग की ओर ले जाने का प्रयास है। शिक्षालय और कर्मचारीतंत्र को दलगत संक्रमण से मुक्त कराने का प्रयास है।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘‘विद्यार्थी और कर्मचारीतंत्र को पार्टीकरण से नुकसान हुआ’’ और पत्रकारों, नेताओं, अभियानकर्ताओं, व्यापारियों और आम जनता से समर्थन और सहयोग की उम्मीद जताई। ‘‘आपकी इच्छानुसार अध्यादेश के माध्यम से इन विकृतियों को हटाया गया है। हमें सभी का समर्थन और विश्वास चाहिए, आपकी साथ और विश्वास आवश्यक है,’’ उन्होंने कहा, ‘‘क्योंकि परिवर्तन भाषण से नहीं, निर्णय से आता है। हम आपकी जनचाहना के आधार पर सरकार में आए हैं। आप निश्चिंत रहें, जो भी हम करेंगे वह आम नेपाली जनता के हित में होगा।’’

सरकार के इस निर्णय से किसी अधिकार की छीनत Rox नहीं होगी, बल्कि पेशेवर स्वतंत्रता मजबूती से बढ़ेगी, प्रधानमंत्री बालेन ने कहा, ‘‘यह अधिकार छीनता नहीं है, बल्कि पेशेवर स्वतंत्रता को मजबूत बनाता है,’’ उन्होंने लिखा, ‘‘अब नियुक्ति, स्थानांतरण और पदोन्नति का आधार दलगत नजदीकी नहीं, बल्कि विधि, क्षमता और दक्षता होना चाहिए।’’

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