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डोल्पामा सरकारी कार्यालयले नै तिरेनन् खानेपानी महसुल

डोल्पा में सरकारी कार्यालयों ने खाना पानी शुल्क देना छोड़ा: समस्या बढ़ी

२५ वैशाख, डोल्पा। हिमालयी जिला डोल्पा में यह पता चला है कि सरकारी कार्यालयों ने भी खानेपानी का शुल्क नहीं दिया है, जिससे समस्या उत्पन्न हुई है। जिला मुख्यालय में पानी वितरण कर रही दुनै खानेपानी उपभोक्ता समिति ने बताया है कि सरकारी कार्यालयों के साथ-साथ निजी और व्यावसायिक उपभोक्ता वर्षों से पानी का शुल्क नहीं दे रहे हैं। उपभोक्ताओं द्वारा शुल्क न देने से पानी प्रबंधन में और मुश्किलें आई हैं, यह बात दुनै खानेपानी उपभोक्ता समिति के सचिव हिक्मत शाही ने कही।

शाही के अनुसार, समिति द्वारा जड़े गए ३१६ पानी के कनेक्शनों में से २६ सरकारी कार्यालयों में स्थित हैं। इनमें से मुख्यालय में स्थित १० सरकारी कार्यालय एक साल से अधिक समय से शुल्क का भुगतान नहीं कर रहे हैं। इसके अलावा, ६१ निजी कनेक्शनों में से १४ और २२९ व्यावसायिक कनेक्शनों में से ४५ उपभोक्ताओं ने दो वर्ष से अधिक समय से शुल्क नहीं दिया है। ‘‘बार-बार पत्राचार और सार्वजनिक सूचना जारी करने के बावजूद अनेक उपभोक्ताओं ने बिल नहीं भरा, फिलहाल कार्यालयों के नाम नहीं लेंगे,’’ सचिव शाही ने कहा। उन्होंने बताया कि खानेपानी व्यवस्था को व्यवस्थित बनाने के लिए कड़ाई आवश्यक है। उन्होंने चेतावनी दी कि जो उपभोक्ता शुल्क नहीं देंगे, उनकी लाइन काटने के निर्देश दिए जा सकते हैं। कुछ कार्यालयों ने शुल्क भुगतान का दावा किया, लेकिन समिति के बैंक खाते में पैसा नहीं दिखा। समिति ने वित्त वर्ष २०८०/८१ से अब तक बैंक भुगतान के प्रमाण और ईएफटी विवरण संबंधित कार्यालयों से मांगे जाने की तैयारी कर रही है। बैंक स्टेटमेंट में कार्यालय का नाम स्पष्ट न होने के कारण राशि की पुष्टि में कठिनाई हो रही है।

शुल्क न उठने से कार्य में बाधा
समिति वर्तमान में निजी कनेक्शन के लिए मासिक न्यूनतम १५० रुपये, व्यावसायिक के लिए २०० रुपये और सरकारी कार्यालयों के लिए ५०० रुपये शुल्क ले रही है। न्यूनतम शुल्क न मिलने से कर्मचारी प्रबंधन और रखरखाव में कठिनाई हो रही है। समिति में वर्तमान में चार कर्मचारी कार्यरत हैं। मासिक खर्च ६० हजार रुपये से अधिक होने के बावजूद आय बराबर की है, सचिव शाही ने बताया। पानी के दुरुपयोग को रोकने के लिए समिति ने मुख्यालय क्षेत्र के सभी कनेक्शन में मीटर लगाने की योजना बनाई है। वैशाख १ से परीक्षण के लिए ६ कनेक्शनों में मीटर लगाए गए हैं। समिति ने बताया कि जेठ महीने से सभी कनेक्शनों में मीटर लगाने की तैयारी है। मीटर लगाने के बाद प्रति यूनिट शुल्क कितना लिया जाए यह अध्ययनाधीन है।

खानेपानी अध्यक्ष बबि किशोर गुरुङ ने बताया कि मुख्यालय क्षेत्रों में कई उपभोक्ता कनेक्शन खुले छोड़ते हैं और अनावश्यक पानी का उपयोग करते हैं, जिससे कुछ क्षेत्रों में पानी की कमी हो रही है। ‘‘मीटर लगने के बाद पानी का दुरुपयोग नियंत्रित होगा और सभी उपभोक्ताओं को आवश्यकतानुसार पानी मिलेगा,’’ उन्होंने कहा। वर्तमान में दुनै क्षेत्र में शालीखोला और पाल्चाखोलाबाट प्रतिदिन लगभग २ लाख ४० हजार लीटर पानी वितरण हो रहा है। दिन में सुबह और शाम कुल ७ घंटे से अधिक पानी वितरण होता है, समिति ने बताया।

समिति ने जिला स्थित खानेपानी, सिंचाई तथा ऊर्जा विकास कार्यालय पर आवश्यक कार्य नहीं करने का आरोप लगाया है। मुख्यालय के पानी समस्या समाधान के लिए बार-बार आग्रह करने के बावजूद कार्यालय ने विभिन्न जनप्रतिनिधियों के दबाव में डीपीआर तैयार किया है, गुणवत्ताहीन काम किया है और अपूर्ण कामों का भुगतान किया है, यह आरोप अध्यक्ष गुरुङ ने लगाया। ‘‘दुनै खानेपानी के लिए पर्याप्त बजट होने के बावजूद उसका सही उपयोग न होने से समस्या बनी है,’’ गुरुङ ने बताया।

अध्यक्ष गुरुङ के अनुसार, इस वर्ष ऊपर दुनै में पुराने रिजर्व टंकी को तोड़कर १२८ घनमीटर क्षमता वाला नया टंकी निर्माण के लिए ठेका प्रक्रिया शुरू की गई है। साथ ही क्याम्पस साइड, सरस्वती मंदिर और अस्पताल साइड में ५०-५० घनमीटर क्षमता वाले रिजर्व टंकी की मरम्मत और पाइपलाइन विस्तार के काम भी चल रहे हैं। समिति के अनुसार, २०६० में बने ९० घनमीटर क्षमता वाले पुराने रिजर्व टंकी के जीर्ण होने के कारण नया निर्माण आवश्यक है।

खानेपानी, सिंचाई तथा ऊर्जा विकास कार्यालय ने दुनै खानेपानी उपभोक्ता समिति को अब तक एक करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की है। हर वर्ष १० लाख से ३० लाख रुपये तक सहायता मिलती है, लेकिन बजट की कमी बनी रहती है, अध्यक्ष गुरुङ ने जानकारी दी। इस वर्ष रिजर्व टंकी निर्माण के साथ साथ जीआई पाइप और रखरखाव के लिए अतिरिक्त सहयोग की जरूरत है, समिति ने बताया।

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