Skip to main content
कसरी हुँदैछ स्वास्थ्य बीमाको पुनर्संरचना ? – Online Khabar

स्वास्थ्य बीमा पुनर्संरचना प्रक्रिया कैसी है?

सरकार स्वास्थ्य बीमा कार्यक्रम के आर्थिक बोझ को कम करने और सेवा की प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए पुनर्संरचना की तैयारी कर रहा है। स्वास्थ्य बीमा बोर्ड पर 16 अरब रुपये से अधिक भुगतान बकाया होने के कारण वार्षिक रूप से 25 से 26 अरब रुपये खर्च करने की आवश्यकता पड़ती है। इस पुनर्संरचना में आर्थिक बोझ कम करना, चुहावट रोकना, सहभुगतान प्रणाली में सुधार करना और सेवा पैकेज में संशोधन करने की योजना प्रस्तुत की गई है। 29 वैशाख, काठमांडू।

सरकार स्वास्थ्य बीमा कार्यक्रम को पुनर्संरचना कर रहा है। बीमा प्रणाली में उत्पन्न आर्थिक चुनौतियों, चुहावट तथा प्रबंधन समस्याओं को दूर करते हुए इसे स्थायी और दीर्घकालिक बनाने का प्रयास जारी है। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने संघीय संसद की संयुक्त बैठक में आगामी वित्तीय वर्ष की नीति एवं कार्यक्रम में स्वास्थ्य बीमा पुनर्संरचना का उल्लेख किया है। स्वास्थ्य तथा जनसंख्या मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि नीति एवं कार्यक्रम में स्वास्थ्य बीमा पुनर्संरचना विषयगत रूप से शामिल है, लेकिन विस्तृत कार्ययोजना अभी तैयार की जा रही है।

पुनर्संरचना का प्रमुख उद्देश्य वर्तमान बीमा प्रणाली में देखे गए आर्थिक बोझ को कम करना, सेवा की प्रभावशीलता बढ़ाना और जनता को आधारभूत स्वास्थ्य सेवाओं से ऊपर की सेवाएँ आसानी से उपलब्ध कराना है। आर्थिक बोझ कम करने में सबसे बड़ी समस्या प्रणाली में आर्थिक असंतुलन है। इस कार्यक्रम के संचालन के लिए सरकार पर भारी वित्तीय जिम्मेदारी है। सेवा प्रदाता अस्पताल करोड़ों रुपये न मिलने के कारण कार्यक्रम प्रभावहीन हो रहा है।

चुहावट और दोहराव नियंत्रण पुनर्संरचना का एक और महत्वपूर्ण पक्ष है। फिलहाल विभिन्न अस्पतालों में अनावश्यक परीक्षण और दोहराई गई सेवाओं का उपयोग तथा कमजोर प्रबंधन के कारण बड़ी राशि खर्च हो रही है। मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, ऐसी चुहावट रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई और सेवा प्रबंधन को व्यवस्थित बनाने की तैयारी चल रही है। बीमा कार्यक्रम की स्थिरता के लिए सहभुगतान (को-पेमेंट) प्रणाली में सुधार की संभावना मंत्रालय के स्रोतों ने भी बताई है।

जवाफ लेख्नुहोस्

तपाईँको इमेल ठेगाना प्रकाशित गरिने छैन। अनिवार्य फिल्डहरूमा * चिन्ह लगाइएको छ