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नेपाल निर्वाचन २०८२: मधेश में जारी उठान और उसके दो विभिन्न विश्लेषण

बालेन शाह निर्वाचित होने का प्रमाणपत्र लेते हुए

तस्वीर स्रोत, RSS

तस्वीर कैप्शन, रास्वपाले बालेन शाह को प्रधानमंत्री के उम्मीदवार के रूप में प्रस्तुत किया था

निर्वाचन के बाद मधेश और मधेश के मुद्दों को लेकर दो प्रकार के दृष्टिकोण प्रबल हुए हैं।

पहले समूह के अनुभवी कार्यकर्ता कहते हैं कि मधेश-आधारित दल इस चुनाव में पूरी तरह पराजित हो गए हैं और उनके उठाए गए एजेंडे का अस्तित्व समाप्त होता दिख रहा है।

दूसरा समूह यह व्याख्या करता है कि इस चुनाव में मधेश ने राष्ट्रीय संवाद में एक महत्वपूर्ण स्थान पाया है और नयी तथा पुरानी शक्तियों ने मधेश के बुनियादी एजेंडों को स्वीकार कर लिया है।

रास्वपा की लोकप्रियता

निर्वाचन परिणाम में मधेश प्रदेश की ३२ सीटों में से ३० सीटें राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी ने जीतीं। बाकी दो सीटों में से रौतहट २ से नेपाली कांग्रेस के फिरदोस आलम ने एक सीट जीती, जबकि धनुषा १ में नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के मातृका यादव ने जीत हासिल की।

लेकिन रोचक बात यह है कि राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी द्वारा जीती ३० सीटों में से २५ सीटों पर मधेसी मूल के उम्मीदवार थे।

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