
प्रस्तावित प्रधानन्यायाधीश वर्षमान पुनका ५ महत्वपूर्ण प्रश्न
समाचार सारांश सम्पादकीय समीक्षा पश्चात तैयार किया गया है। नेकपा सांसद वर्षमान पुन ने प्रस्तावित प्रधानन्यायाधीश डॉ. मनोज शर्मा से संसदीय सुनवाई में सम्बंधित नेपोबेबी और पारिवारिक पक्षपात के बारे में प्रश्न पूछे हैं। पुन ने हरिकृष्ण कार्की की रिपोर्ट का हवाला देते हुए न्यायपालिका में भ्रष्टाचार और सुधार के उपायों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने संक्रमणकालीन न्याय और स्टे ऑर्डर के विकास पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में भी प्रस्तावित प्रधानन्यायाधीश से पूछा है। ५ जेठ, काठमांडू। नेकपा के सांसद वर्षमान पुन ने प्रस्तावित प्रधानन्यायाधीश डॉ. मनोज शर्मा से कई सवाल पूछे हैं। डॉ. शर्मा की संसदीय सुनवाई कुछ समय से जारी है। इस दौरान सांसदों ने उन्हें विभिन्न विषयों पर सवाल किए हैं। पुन द्वारा उठाए गए मुख्य प्रश्न निम्नलिखित हैं: – नेपोबेबी का आरोप लगा है। पारिवारिक पक्षपात से संबंधित रिपोर्टें भी आई हैं। अदालत में समूहवाद और पक्षपात की चर्चा होती रहती है। इस संदर्भ में आप भविष्य में कैसे कार्य करेंगे? – कार्य प्रदर्शन पर कई सवाल उठाए जा रहे हैं। न्यायिक निर्णय में न्यायिक भावनाओं की कमी को लेकर आलोचना हो रही है। न्यायपालिका, कार्यपालिका और व्यवस्थापिका के प्रति जनता में सवाल क्यों उठ रहे हैं? – हरिकृष्ण कार्की की रिपोर्ट में न्यायालय में भ्रष्टाचार की बात कही गई है। इस विषय में सुधार के क्या उपाय होंगे? – संक्रमणकालीन न्याय के प्रति आपकी धारणा क्या है? – स्टे ऑर्डर के कारण कार्य अवरुद्ध होता है। इससे मुक्त होकर विकासोन्मुख न्यायालय कैसे बनाया जाएगा?