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सरकार ‘तथाकथित’, देश महानगर चलाएजस्तो होइन – Online Khabar

सांसद अमरेश कुमार सिंह बोले: सरकार ‘तथाकथित’, देश महानगर नहीं चला सकता

रास्वपा के सांसद अमरेश कुमार सिंह ने सरकार बनने के डेढ़ महीने के भीतर ही प्रधानमंत्री बालेन शाह की शासनशैली पर सवाल उठाए हैं। सिंह का कहना है कि नेपाल पाकिस्तान मॉडल की प्रजातंत्र की ओर बढ़ रहा है और ‘पुलिस स्टेट’ नहीं बनना चाहिये। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार अपना पूरा कार्यकाल पूरा नहीं कर पाएगी और मधेश की पीड़ा पर सरकार कुछ भी नहीं कर रही है। ५ जेठ, काठमाडौं।

फागुन २१ के चुनाव में बालेन शाह के प्रवक्ता की भूमिका निभाने वाले रास्वपा के सांसद अमरेश कुमार सिंह ने सरकार बनने के डेढ़ महीने में ही प्रधानमंत्री के नेतृत्व पर सवाल खड़े किए हैं। दो दिन पहले उन्होंने प्रतिनिधि सभा के अर्थमंत्री स्वर्णिम वाग्ले की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे, वहीं अब हिमालय टीवी के ‘यक्ष प्रश्न’ कार्यक्रम में निमा बन्जाडे को दिए गए इंटरव्यू में सिंह ने अपनी नाराजगी प्रधानमंत्री शाह के प्रति भी जताई। उन्होंने संकेत दिया कि नेपाल पाकिस्तान मॉडल की लोकतंत्र की ओर बढ़ रहा है।

संसद को छलने वाले प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह की शैली का जिक्र करते हुए सिंह ने पाकिस्तानी मॉडल की लोकतंत्र की याद दिलाई। उन्होंने कहा, ‘जैसे व्यापारियों को बिना विधि और कानूनी प्रक्रिया के हिरासत में लिया जाता है और अगले दिन छोड़ दिया जाता है। इसीलिए मैं यह दृढ़ता से कहता हूँ – नेपाल के अरबों रुपये विदेश जा चुके हैं। हमें ‘पुलिस स्टेट’ नहीं, ‘डेमोक्रेटिक स्टेट’ बनना चाहिए। पाकिस्तान में कभी भी लोकतंत्र स्थिर नहीं हो पाया और न होगा क्योंकि उन्होंने संसद को कभी मजबूत बनने नहीं दिया।’

सिंह ने मौजूदा सरकार को ‘तथाकथित’ करार दिया और मधेश की पीड़ा पर सरकार की निष्क्रियता पर अपना गुस्सा जताया। उन्होंने कहा, ‘मैं इस तथाकथित सरकार से पूछता हूँ, जो सीमा पर जन्मा है, पता चले कि सीमा पर पीड़ा कैसी होती है! क्या वह मधेश के महोत्तरी का नहीं है? मधेश ने उस पर इतना भरोसा किया नहीं?’ सांसद सिंह ने संसद के छलने की कार्रवाई पर भी आपत्ति जताई।

उनका कहना है कि सरकार को मिलने वाला पूरा अधिकार संविधान नहीं देता। उन्होंने कहा, ‘अपने हाथ में आ जाने के बाद सब करने की आज़ादी हमारी संविधान नहीं देता। हो सकता है नई विधायक सोचते हों कि मेरी वजह से सब जीते हैं, यह भी हो सकता है। प्रधानमंत्री और बालेनजी या उनकी टीम को ऐसा लगता हो। दूसरी बात, महनगर समूह ही नहीं, देश चलाने की कोशिश कर रहा है।’

सिंह ने यह भी दावा किया कि वे मंत्री बनने की कभी कोशिश नहीं कर रहे और खुद को दलाल नहीं बताते। उन्होंने आपत्ति जताते हुए कहा कि वर्तमान में सूखमवासी बस्तियाँ हटाने की सरकार की कार्रवाई भी ठीक नहीं है। उन्होंने कहा, ‘पर जब बस्तियाँ ध्वस्त हो जाती हैं, तब नई बस्तियाँ नहीं बनाई जातीं। बनेपा का होल्डिंग सेंटर भी समस्याग्रस्त है।’

सिंह ने आगामी स्थानीय चुनावों तक संविधान के अस्तित्व पर भी संशय व्यक्त किया। उन्होंने कहा, ‘अगर यही संविधान रहा तो आगामी स्थानीय चुनाव होंगे। समस्या संविधान में नहीं, नीति में नहीं, बल्कि नियत में है।’

पूरा इंटरव्यू वीडियो –

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