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सभामुख र सांसदलाई अधिकार कति ? – Online Khabar

सभामुख और सांसदों के अधिकार: प्रतिनिधि सभा में अभद्र व्यवहार पर चर्चा

प्रतिनिधि सभा में सभामुख की अनुमति के बिना बोलने और अभद्र व्यवहार करने पर सभामुख डोलप्रसाद अर्याल ने श्रम संस्कृति पार्टी के सांसदों को सतर्क किया। प्रतिनिधि सभा नियमावली के अनुसार संसद में अभद्र व्यवहार करने वाले सांसद को सभामुख चेतावनी दे सकते हैं, बैठक से निष्कासन कर सकते हैं और निलंबित भी कर सकते हैं। नेपाली संसद में पहले भी सांसदों द्वारा तोड़फोड़ करने, कपड़े खोलने और मंत्री को थप्पड़ मारने जैसे अमर्यादित कृत्यों का इतिहास रहा है। ८ जेठ, काठमांडू। श्रम संस्कृति पार्टी ने हाल ही में प्रतिनिधि सभा में प्लेकार्ड दिखाकर विरोध प्रदर्शन किया है। पार्टी के अध्यक्ष हर्कराज राई (हर्क साम्पाङ) सहित सात सांसदों ने संसद में प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह (बालेन) की उपस्थिति की मांग करते हुए इस बजट अधिवेशन की अधिकांश बैठकों में विरोध किया। अभी संसद की बैठक १२ तारीख तक स्थगित है। हालांकि, श्रम संस्कृति पार्टी का विरोध जारी है। उनका मांग है कि प्रधानमंत्री को संसद में संबोधन करना अनिवार्य है।

आकस्मिक, शून्य और विशेष समय में सांसद द्वारा उठाए गए प्रश्नों के जवाब सात दिनों के अंदर देने का कानूनी प्रावधान है, लेकिन इसका पालन नहीं हो रहा है। इस संदर्भ में श्रम संस्कृति पार्टी के अध्यक्ष राई का प्रश्न है, ‘सभामुख को सरकार से नियम पालन कराना नहीं चाहिए? क्या प्रधानमंत्री और मंत्री नियम का उल्लंघन कर सकते हैं?’ सभामुख द्वारा प्रधानमंत्री और मंत्रियों को नियम पालन कराना संभव नहीं होने के कारण श्रम संस्कृति पार्टी के सांसद प्रतिनिधि सभा नियमावली के कुछ नियमों का उल्लंघन करते हुए प्रश्न पूछते रहे हैं। संसद में बोलने के लिए सभामुख से अनुमति लेना अनिवार्य है। लेकिन गत बुधवार हर्क साम्पाङ ने सभामुख से समय लिए बिना सरकार से लगातार प्रश्न पूछे। सूचना एवं सञ्चार मंत्री विक्रम तिमिल्सनाले सभामुख के सामने प्रश्नों का उत्तर दिया। तत्पश्चात साम्पाङ ने बिना समय लिए ही मंत्री को संबोधित करते हुए पूछा, ‘देश में उच्च गुणवत्ता वाली इंटरनेट सेवा कब मिलेगी? जहां फोरजी सेवा है वहां टुजी भी काम नहीं करती, क्यों?’

साम्पाङ के इस व्यवहार से सभामुख डोलप्रसाद अर्याल क्रोधित हुए और बिना अनुमति बोलना मर्यादा के विरुद्ध बताया। मंत्री तिमिल्सना के बाद युवा, श्रम एवं रोजगार मंत्री रामजी यादव संसदीय रोस्टम पर आए और प्रश्नों के जवाब दिए। जवाब देने के बाद श्रम संस्कृति पार्टी के अरुण राई फिर से उठे। सभामुख ने कहा कि स्पष्टीकरण के लिए व्यवस्था नहीं है। हर्क साम्पाङ फिर उठे और लाखों युवाओं के विदेश में रोजगार की समस्या बताते हुए श्रम मंत्री से प्रश्न न पूछने का विरोध किया। तब सभामुख ने साम्पाङ को याद दिलाया कि उन्होंने कई बार रूलिंग दी है। ‘मैंने तीन बार रूलिंग दी है, कृपया मर्यादा बनाए रखें,’ सभामुख ने कहा। साम्पाङ ने इसका पालन नहीं किया। इसके बाद सभामुख ने प्रतिनिधि सभा नियमावली के नियम २०, २१, और ३० बताए और साम्पाङ सहित श्रम संस्कृति पार्टी के सांसदों के व्यवहार को अभद्र व्यवहार करार दिया।

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