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बालेन चैनल पर दिख रहे ‘ज्ञानेन्द्र खोजने’ गीत की सच्चाई क्या है?

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा की गई ।

  • काठमांडू महानगरपालिक के मेयर बालेन शाह के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर राजतंत्र समर्थक एआई निर्मित गीत जुड़ने के बाद सोशल मीडिया पर बहस बढ़ी है।
  • प्राविधिक विशेषज्ञों का कहना है कि ‘डिस्ट्रोकिड’ जैसे डिजिटल वितरकों की लूपहोल का उपयोग करके किसी ने बालेन के नाम पर यह गीत यूट्यूब पर लिंक कराया है।
  • पहले स्थापित गायक सुशांत केसी और समिर श्रेष्ठ के आधिकारिक यूट्यूब प्रोफाइल पर भी तकनीकी गलती के कारण अन्य गीत लिंक हो चुके हैं।

१० जेठ, काठमांडू।

शीर्ष पर है नेपाल माता

कंधे पर ज्ञानेन्द्र राजा।’

यूट्यूब पर इन गीतों के शब्द कुछ दिनों से चर्चा में हैं। प्रधानमंत्री बालेन शाह के आधिकारिक यूट्यूब चैनल के नाम पर दिख रहे इस गीत में चैनल की तरह उल्लेखनीय व्यूज नहीं हैं। तीन महीने पहले (20 फरवरी, 2026) अपलोड किए गए इस गीत को अब तक केवल २४ हजार व्यूज मिले हैं। लगभग 1900 लाइक्स और 400 से अधिक कमेंट्स भी हैं।

पहले बालेन शाह के यूट्यूब चैनल पर अच्छे व्यूज दिखते थे, लेकिन इस गीत पर जो चर्चा हो रही है, वहाँ इतने ज्यादा व्यूज नहीं हैं। कुछ लोगों का अनुमान है कि ‘तीन महीने पहले प्राइवेट में रखा गया यह गीत अब पब्लिक किया गया होगा, इसलिए व्यूज हाल ही में बढ़ रहे हैं।’

वीडियो के कमेंट सेक्शन में बीस्ट इन नेपाल नामक यूजर ने लिखा, ‘फेसबुक से आने वाले लोग कौन-कौन हैं?’

इसी तरह, लवनेपाल-२ नामक उपयोगकर्ता ने इस गीत को ट्रेंडिंग में लेकर राजतंत्र समर्थकों ने गणतंत्र को हटाने का तर्क दिया है।

कमेंट्स तेजी से बढ़ रहे हैं। कुछ लोगों ने बालेन से अनुरोध किया है कि वे इस गीत की भावना के अनुसार काम करें। अधिकांश ने इस बात पर खुशी जताई कि बालेन ने अपने चैनल पर यह गीत रखा है, जबकि कुछ ने विरोधी बालेन की छवि अब स्पष्ट होने पर आलोचना की है।

वीडियो के थंबनेल पर ‘शीर्ष पर नेपाल माता’ लिखा है, जो गीत का शीर्षक भी है। थंबनेल में स्वयम्भू, गौतम बुद्ध, हिमालय और उनकी रक्षा करने वाली हथियारबंद सेना दिख रही है। साथ ही, हाथ जोड़कर प्रार्थना कर रही एक वृद्ध महिला भी नजर आती हैं।

लेकिन, यह गीत बालेन के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर जाकर देखने पर कहीं नहीं मिलता। सोशल मीडिया पर साझा किए गए लिंक पर जाने पर दिखता है कि आधिकारिक चैनल के नाम पर है, पर चैनल में इस पोस्ट को नहीं पाया जाता। गीत का थंबनेल और आवाजें पूरी तरह एआई से बनी लगती हैं।

साझा किए गए वीडियो के डिस्क्रिप्शन में लिखा है, ‘प्रोवाइडेड टू यूट्यूब बाय डिस्ट्रोकिड’, यानी यह वीडियो डिस्ट्रोकिड के माध्यम से चैनल पर उपलब्ध कराया गया है।

यह गीत धर्मराज थापा द्वारा गाए गए ‘शीर्ष पर नेपाली माता…’ गीत के लय और शब्दों से बहुत मिलता-जुलता है। मूल गीत में ‘महेन्द्र’ शब्द है, पर यहां ‘ज्ञानेन्द्र’ नाम इस्तेमाल किया गया है।

कई नेपाली कलाकारों के यूट्यूब प्रोफाइल प्रबंधित करने वाले एक विशेषज्ञ के अनुसार, यह कोई वीडियो नहीं बल्कि केवल ऑडियो बजने वाला ट्रैक है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में ‘डिस्ट्रोकिड’ जैसी एजेंसियां हैं, जो कलाकारों के गीत यूट्यूब म्यूजिक, एप्पल म्यूजिक या स्पॉटिफाई जैसे एप्स पर पहुंचाने का काम करती हैं। ऐसी एजेंसियों में कोई भी व्यक्ति फेसबुक या अन्य सोशल मीडिया अकाउंट खोलने जैसा खाता खोल सकता है।

उन्होंने कहा, ‘कोई भी AI से बना या किसी और का देशभक्ति गीत इस एजेंट के जरिए यूट्यूब पर अपलोड करके चालाकी से क्रीएटर्स की जगह ‘बालेन’ का नाम और प्रोफाइल लिंक करा सकता है, ताकि अधिक क्लिक रहे। हम भी ऐसे मामलों का सामना कर रहे हैं।’

कुछ महीने पहले स्थापित गायक सुशांत केसी, समिर श्रेष्ठ और स्वप्न सुमन के आधिकारिक यूट्यूब प्रोफाइल पर भी तकनीकी गलती या जानबूझकर लोकदोहोरी गीत लिंक कर दिए गए थे। इस बार भी बालेन के साथ ऐसा ही हो सकता है, ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है।

डिस्ट्रोकिड क्या है?

फेसबुक या टिकटॉक पर सीधे वीडियो अपलोड करने जैसा, कोई भी कलाकार अपना गीत सीधे यूट्यूब म्यूजिक, स्पॉटिफाई या एप्पल म्यूजिक जैसे प्लेटफॉर्म पर अपलोड नहीं कर सकता। इसके लिए बीच में एक माध्यम होता है जिसे तकनीकी रूप से ‘डिजिटल डिस्ट्रिब्यूटर’ कहा जाता है। डिस्ट्रोकिड इसी प्रकार की एक अंतरराष्ट्रीय एजेंसी है।

कलाकार डिस्ट्रोकिड पर अपना खाता बनाते हैं, सालाना कुछ शुल्क देते हैं और गीत व कवर फोटो अपलोड करते हैं। इसके बाद डिस्ट्रोकिड उस गीत को सभी म्यूजिक एप्स पर पहुंचाता है और उससे हुई आय कलाकार को देता है।

डिस्ट्रोकिड पर कोई भी आसानी से फेसबुक खाता खोलने जैसा खाता खोल सकता है। यह यह नहीं देखती कि गीत आधिकारिक है या नहीं और अधिकारिता जांच भी नहीं करती।

इसी लूपहोल का इस्तेमाल करते हुए कोई व्यक्ति खाता खोलकर किसी और का गीत अपलोड कर सकता है और कलाकार के नाम पर ‘बालेन’ लिखकर भेज सकता है।

डिस्ट्रोकिड बिना जांच के उस गीत को यूट्यूब म्यूजिक पर भेज देता है और यूट्यूब के सिस्टम के नाम मिलते ही वह गीत बालेन के प्रोफाइल से लिंक हो सकता है।

ऐसे ही इस गीत का बालेन के यूट्यूब चैनल से जुड़ना विशेषज्ञों का मानना है। हालांकि, यह बालेन के चैनल से लिंक होने वाला पहला गीत नहीं है। कुछ दिनों से एक और गीत ‘हैप्पी होली, बाइबाइ ओली’ भी चर्चा में है और उस पर भी समान प्रतिक्रिया देखी गई है।

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