
जम्मू में तीन दिवसीय ‘क्लाइमेट संवाद’ का आयोजन
त्रिभुवन विश्वविद्यालय और केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू के संयुक्त आयोजन में भारत के जम्मू में तीन दिवसीय ‘क्लाइमेट संवाद’ चल रहा है। इस संवाद में त्रिवि के निवर्तमान उपकुलपति प्रा.डा. दीपक अर्याल ने नेपाल के हिमालयी क्षेत्र में जलवायु अनुगमन और अनुसंधान क्षमता सुदृढ़ीकरण पर कार्यपत्र प्रस्तुत किया। उन्होंने हिमालयी क्षेत्र में जलवायु संबंधी जोखिमों को कम करने के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की अनिवार्यता पर जोर दिया।
यह कार्यक्रम 25 मई से शुरू होकर 27 मई तक जारी रहेंगे। इसमें नेपाल और भारत के वैज्ञानिक, शोधकर्ता तथा प्रोफेसर सहित कुल 100 प्रतिभागी शामिल हैं। नेपाल के 2 तथा भारत के 38 वैज्ञानिक विविध विषयों पर कार्यपत्र प्रस्तुत करेंगे। आयोजकों के अनुसार, मौसम, जलवायु परिवर्तन और उनसे जुड़े मुद्दों पर सहयोग एवं अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए यह संवाद आयोजित किया गया है।
प्रा.डा. दीपक अर्याल ने उच्च हिमालयी क्षेत्र में जलवायु निगरानी तथा अनुसंधान क्षमता के सुदृढ़ीकरण पर अपने कार्यपत्र में कहा, “उच्च हिमालयी क्षेत्रों में जलवायु परिवर्तन तीव्र गति से हो रहा है और हिमनदों के पिघलने की दर बढ़ रही है।” उन्होंने हिमपात की प्रकृति में बदलाव और जलप्रवाह प्रणाली पर प्रभाव की भी बात कही। साथ ही उन्होंने हिमालयी क्षेत्र में आंकड़ों की कमी को भी उजागर किया।
अर्याल ने युवा शोधकर्ताओं और स्थानीय संस्थानों को आधुनिक क्षेत्रीय अध्ययन, मॉडलिंग और विश्लेषणात्मक कौशल के जरिए अपनी क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “हिमालयी क्षेत्र में बढ़ रहे जलवायु जोखिमों को कम करने, पूर्वानुमान लगाने और दीर्घकालीन अनुकूलन योजनाओं के निर्माण के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान और अंतरराष्ट्रीय सहयोग अत्यंत आवश्यक है।”