
एवरेस्ट समिटियर्स समिट 2026 में 176 सगरमाथा आरोहियों को सम्मानित किया गया
समाचार सारांश
संपादकीय समीक्षा पश्चात् तैयार किया गया।
- काठमांडू में आयोजित दूसरे ‘एवरेस्ट समिटियर्स समिट–2026’ में 26 विभिन्न देशों के 176 सगरमाथा आरोहियों को विशेष पदक और प्रमाणपत्र के साथ सम्मानित किया गया।
- सगरमाथा की 32वीं सफल चढ़ाई कर विश्व रिकॉर्ड बनाने वाली कामीरिता शेर्पा को लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार दिया गया।
- कार्यक्रम के पूर्वसंध्या पर आयोजित ‘समिटियर्स ब्रेकफास्ट’ में राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने भाग लेकर सगरमाथा आरोहियों से मुलाकात की।
१३ जेठ, काठमांडू। दूसरे संस्करण के ‘एवरेस्ट समिटियर्स समिट–2026’ समारोह में 26 देशों के कुल 176 सगरमाथा आरोहियों को सम्मानीय किया गया।
एवरेस्ट अलायंस नेपाल द्वारा आयोजित और संस्कृति, पर्यटन तथा नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सहयोग से बुधवार को काठमांडू में संपन्न इस भव्य कार्यक्रम में विश्व के 26 देशों के 176 सगरमाथा आरोहियों को विशेष पदक और प्रमाणपत्र के साथ सम्मानित किया गया।
आरोहियों को संस्कृति, पर्यटन तथा नागरिक उड्डयन मंत्री खड्गराज पौडेल, मंत्रालय के सचिव मुकुन्दप्रसाद निरौला, आयोजन संस्था एवरेस्ट अलायंस के अध्यक्ष सुदर्शन नेपाल, नेपाल टूर एंड ट्रैवल एजेंट्स संघ (नाट्टा) के अध्यक्ष कुमारमणि थपलिया, ट्रेकिंग एजेंसियों के संघ ट्रेकिंग एजेंसी एसोसिएशन ऑफ नेपाल (टान) के अध्यक्ष सागर पांडेय और अन्य ने सम्मानित किया।
कार्यक्रम में मंत्री पौडेल ने सगरमाथा आरोहियों के साहस और दृढ़ संकल्प की प्रशंसा की और सुरक्षित तथा सतत पर्वतीय पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
मंत्री पौडेल ने आरोहियों की सुरक्षा में सुधार, आपातकालीन उद्धार प्रणाली के सुदृढ़ीकरण और स्थानीय हिमाली समुदाय के आर्थिक सशक्तिकरण को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता जताई। उन्होंने हिमालय क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन के गंभीर प्रभावों पर चिंता व्यक्त की।
उनके अनुसार हिमनद के पिघलने की प्रक्रिया, जैव विविधता का ह्रास और बढ़ती कूड़ा प्रबंधन की चुनौतियां रोज बढ़ रही हैं। हिमालय संरक्षण केवल नेपाल का ही नहीं बल्कि पूरे विश्व की संयुक्त जिम्मेदारी है, उन्होंने कहा।
वरिष्ठ पर्वतारोही और सेवन समिट ट्रेक्स के संचालक मिंत्यमा शेर्पा ने कहा कि नेपाल के हिमालय दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं और हिमालय आरोहण में शेर्पा गाइड्स की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, ‘आज के शेर्पा पूर्व की तुलना में बहुत तेजी से और प्रशिक्षित हैं, और हम विदेशी आरोहियों को सुरक्षित रूप से शिखर तक ले जाने के लिए सदैव तैयार हैं।’
एवरेस्ट अलायंस नेपाल के अध्यक्ष सुदर्शन नेपाल ने बताया कि विश्व की सबसे ऊंची चोटी सगरमाथा के सफल आरोहण करने वाले आरोहियों का सम्मान करने के लिए आयोजित यह कार्यक्रम पिछले वर्ष शुरू हुआ था और अब दूसरे संस्करण तक पहुंचते-पहुंचते इसका प्रभाव और विस्तार बढ़ गया है।
उन्होंने कहा, ‘हमने पिछले वर्ष से सगरमाथा आरोहियों को सम्मानित करने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम शुरू किया था। पहला संस्करण सफल होने से इसका महत्व और विस्तार स्पष्ट हुआ। यह कार्यक्रम नेपाल में ही नहीं, विश्व स्तर पर भी प्रसिद्ध हो चुका है।’
उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से इस आयोजन को भव्य बनाने में सफलता मिली है और इस बार सरकार ने भी इसमें सहयोग किया है, जिसके लिए संस्कृति, पर्यटन तथा नागरिक उड्डयन मंत्रालय और नेपाल टूरिज्म बोर्ड को धन्यवाद दिया।
साथ ही उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में सभी के साथ समन्वय कर इस कार्यक्रम को और व्यापक व प्रभावी बनाने के लिए निरंतर प्रयास जारी रहेगा।
अध्यक्ष नेपाल के अनुसार हिमालय के भविष्य के लिए एकजुट आवाज उठाना और विश्व की सबसे ऊंची चोटी सगरमाथा के आरोहियों के अद्वितीय साहस और योगदान को मान्यता देना इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है। इससे नेपाल के पर्वतीय पर्यटन को विश्व स्तर पर नई ऊंचाई प्राप्त होगी और साहसी आरोहियों का सम्मान होगा।
कार्यक्रम में दुनिया की सर्वोच्च चोटी सगरमाथा पर 32वीं बार सफल चढ़ाई करने वाली कामीरिता शेर्पा को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। इसके अलावा कई बार सगरमाथा आरोहण करने वाली महिला लाक्पा शेर्पा सहित अन्य को भी सम्मानित किया गया।
इस बार के कार्यक्रम की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने भी विशेष रूप से भाग लिया था। उन्होंने ‘समिटियर्स ब्रेकफास्ट’ कार्यक्रम में सहभागी होकर सगरमाथा आरोहियों से मुलाकात की। इससे कार्यक्रम की गरिमा राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक बढ़ गई, आयोजकों ने यह विश्वास जताया है।