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पर्यटकों के दैनिक खर्च में १९ प्रतिशत की गिरावट

१४ जेठ, काठमाडौं । नेपाल भ्रमण पर आए पर्यटकों के औसत दैनिक खर्च में १९ प्रतिशत की कमी आई है। सरकार द्वारा हाल ही में प्रकाशित आर्थिक सर्वेक्षण में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि के बावजूद उनके खर्च में गिरावट देखने को मिली है। नेपाल पर्यटन व्यवसायी संघ के अध्यक्ष कुमारमणि थापाले ने कहा, “पर्यटक खर्च नहीं करेंगे तो पर्यटन से देश की समृद्धि हासिल करना कठिन होगा।” उन्होंने बताया कि नेपाल आने वाले पर्यटकों के लिए यात्रा के दौरान अधिक खर्च करना आवश्यक होने के बावजूद वे खुलकर खर्च करने की स्थिति में नहीं हैं। थापाले ने आगे कहा, “यात्रा टिकट का मूल्य ही लगभग तीन हजार अमेरिकी डॉलर तक पहुँच जाता है। ऐसी स्थिति में पर्यटक नेपाल आकर खर्च कटौती करने को मजबूर होते हैं। हम पर्यटकों को खर्च करने के लिए प्रेरित करने वाला माहौल तैयार करने में असमर्थ हैं।”

संघ के अध्यक्ष थापाले ने विलासी पैकेज (लक्जेरियस पैकेज) लागू कर पर्यटकों को खर्च करने के लिए प्रोत्साहित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि सड़क सुविधाओं को मजबूत करना, खर्च बढ़ाने के लिए कलात्मक संरचनाएँ तैयार करना और यात्रा शुल्क को कम करने जैसे उपाय अपनाने चाहिए। अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णीम वाग्ले द्वारा बुधवार को प्रस्तुत आर्थिक सर्वेक्षण २०८२/८३ के अनुसार सन् २०२४ में एक पर्यटक ने औसतन ४०.८४ अमेरिकी डॉलर खर्च किया था, जबकि सन् २०२५ में यह राशि घटकर ३३.०८ अमेरिकी डॉलर रह गई है। इससे दैनिक खर्च में १९ प्रतिशत की गिरावट प्रमाणित होती है।

सर्वेक्षण में बताया गया है कि सन् २०२५ से केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक पर्यटन प्रबंधन सूचना प्रणाली (सिटिएमआइस) के माध्यम से पर्यटक आगमन और प्रस्थान तिथि दर्ज होने के बाद खर्चों की गणना स्वचालित हो गई है, जिससे यह परिणाम सामने आया है। सर्वेक्षण के अनुसार सन् २०२५ में नेपाल भ्रमण करने वाले पर्यटकों की संख्या १.३ प्रतिशत बढ़कर १,६२,३६५ हो गई, जो सन् २०२४ में १,१४,७,५४८ थी। पर्यटन में ६०.२ प्रतिशत पर्यटक छुट्टियाँ और मनोरंजन के लिए आते हैं।

तीर्थयात्रियों की संख्या सबसे अधिक १४.४ प्रतिशत है, जो कि संघ के अध्यक्ष थापाले ने बताया। पदयात्रा और पर्वतारोहण के लिए आने वाले पर्यटक १४.२ प्रतिशत तथा अन्य विभिन्न उद्देश्यों (व्यापार, अध्ययन, भ्रमण) से आने वाले पर्यटक ११.२ प्रतिशत हैं। पर्यटकों के ठहराव की अवधि भी बढ़ी है; सन् २०२४ में औसत ठहराव १३.३० दिन था जो सन् २०२५ में बढ़कर १६.३४ दिन हो गया है। सन् २०२५ में आए पर्यटकों में लगभग २,९३,००० भारत से, १,१३,००० अमेरिका से, ९६,००० चीन से, ५९,००० ब्रिटेन से, ५८,००० बांग्लादेश से, ५०,००० ऑस्ट्रेलिया से, ३८,००० श्रीलंका से, ३०,००० थाईलैंड से, ३०,००० जर्मनी से, २५,००० जापान से तथा अन्य देशों से ३,७१,००० पर्यटक आए हैं। सर्वेक्षण ने सन् २०२५ में भ्रमण आय में ४.८ प्रतिशत की वृद्धि भी दर्शाई है। सन् २०२४ के आर्थिक वर्ष में पर्यटन से प्राप्त भ्रमण आय ८३ अरब ३९ करोड़ ४० लाख रुपए थी।

ठमेल पर्यटन विकास परिषद के उपाध्यक्ष सहदेव धमला ने कहा कि यदि पर्यटक पर्याप्त खर्च नहीं करेंगे तो कुल राष्ट्रीय उत्पादन में योगदान कम होगा। उन्होंने कहा, “अभी पर्यटकों को गुणवत्तायुक्त खरीदारी के लिए आवश्यक वस्तुओं की कमी है।” धमला ने आगे कहा, “पर्यटकों की मांग के अनुसार सेवा प्रदाय में सुधार आवश्यक है। सेवा और गुणवत्तायुक्त वस्तुओं के उत्पादन में राज्य को निवेश बढ़ाना होगा।”

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