
कुल बजट का एक प्रतिशत से भी कम, पूर्वाधार पर ही केंद्रित
इस बार खेलकूद क्षेत्र के लिए ४ अरब ३ करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो कुल बजट का एक प्रतिशत से भी कम है।
१५ जेठ, काठमांडू। सरकार द्वारा आगामी वित्तीय वर्ष २०८३/८४ के लिए प्रस्तुत बजट में त्रिवि क्रिकेट मैदान के लिए कोई बजट आवंटित नहीं किया गया है। पिछली सरकार ने त्रिवि क्रिकेट मैदान की मास्टर प्लान स्वीकृत की थी।
लेकिन, बालने शाह नेतृत्व वाली वर्तमान सरकार ने इसे प्राथमिकता में नहीं रखा है। इसके बजाय सरकार ने बजट के माध्यम से नए रंगशाला निर्माण की घोषणा की है।
सरकार ने खेलकूद क्षेत्र के बजट में अधिकांश राशि आधुनिकी पूर्वाधार निर्माण पर केंद्रित की है। ८ शहरों में आधुनिक क्रिकेट रंगशाला बनाने और १० फुटबॉल रंगशालाओं को उन्नत करने की योजना प्रस्तुत की गई है, जिसके लिए ३ से ५ वर्षों की समय सीमा निर्धारित की गई है।
अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने बजट भाषण में प्रमुख ८ शहरों में ५ वर्ष के भीतर आधुनिक क्रिकेट रंगशाला बनाने की घोषणा की है। मुलपानी क्रिकेट रंगशाला, गिरिजाप्रसाद कोइराला क्रिकेट रंगशाला तथा कैलाली के फाप्ला क्रिकेट रंगशाला के निर्माण के लिए डिजाइन पुनः समीक्षा कर निवेश मोडेल तैयार करने की योजना है।
वर्तमान वित्तीय वर्ष में इन तीनों के साथ ही रुपन्देही के सिद्धार्थ क्रिकेट स्टेडियम निर्माण के लिए ४२ करोड़ बजट आवंटित था, लेकिन सरकार ने डिजाइन पुनरावलोकन की योजना आगे बढ़ाई है।
सरकार ने तीन वर्ष की समय सीमा निर्धारित कर इनडोर बहुउद्देश्यीय कवरहल बनाने के लिए बजट भी आवंटित किया है। विराटनगर, लहान, काठमांडू, पोखरा, बुटवल, सुर्खेत और धनगढी के फाप्ला में कम से कम २ हज़ार दर्शक क्षमता वाली कवरहल बनाने की योजना है।
खेल पूर्वाधार को युवा विकास और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ते हुए नीति तैयार की गई है। आगामी ३ वर्षों में ८ हज़ार दर्शक क्षमता वाले १० फुटबॉल रंगशालाओं को फ्लडलाइट सहित उन्नत करने की योजना अर्थमंत्री वाग्ले ने घोषित की है।
साथ ही, ११वें राष्ट्रीय खेलकूद के लिए आवश्यक पूर्वाधार निर्माण हेतु सरकार ने बजट आवंटित किया है। पूर्वाधार में क्रिकेट और फुटबॉल को अधिक प्राथमिकता दी गई है। राष्ट्रीय खेलकूद वॉलीबॉल के मामले में सरकार ने कोई ठोस पहल नहीं की है।
सरकार की योजना में अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों को नि:शुल्क स्वास्थ्य उपचार और आधारभूत स्तर से चयन कर आवासीय प्रशिक्षण देने की व्यवस्था शामिल है, जो कि नई योजना है।
खिलाड़ियों को सेवानिवृत्ति के बाद भी सम्मानजनक जीवन जीने के लिए आजीवन नि:शुल्क स्वास्थ्य उपचार की व्यवस्था की जाएगी। इससे पहले पदक विजेताओं को भत्ता देने का वादा था, लेकिन अब यह नि:शुल्क स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करने का प्रावधान है।
ग्रासरूट स्तर से खेलकूद विकास के लिए खेलों में रुचि रखने वाले छात्रों को स्कूल के आधारभूत स्तर से चयनित कर आवासीय प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की घोषणा की गई है।
सरकार ने २०८१ मंसिर में आयोजित होने वाले १०वें राष्ट्रीय खेलकूद के लिए भी बजट आवंटित किया है, हालांकि पूर्व में बजट उपल्बध होने के बावजूद प्रतियोगिता सफलतापूर्वक आयोजित नहीं हो पाई थी।
नीजि क्षेत्र की साझेदारी के दावों के बावजूद इस बार नीति में निजी क्षेत्र का कोई समावेश नजर नहीं आ रहा है।
इस बार खेलकूद क्षेत्र के लिए केवल ४ अरब ३ करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो कि कुल बजट का एक प्रतिशत से भी कम है।
पिछले आर्थिक वर्ष में युवा और खेलकूद के लिए ६ अरब ८ करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया था।