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राष्ट्रपति-प्रधानमन्त्रीसहित विशिष्ट पदाधिकारीहरूको कति बढ्दैछ तलब ?

राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अन्य विशिष्ट पदाधिकारियों के वेतन वृद्धि की प्रक्रिया शुरू

समाचार सारांश: सरकार ने बजट वक्तव्य के माध्यम से नागरिक कर्मचारीयों के आधारभूत वेतन में 10 प्रतिशत वृद्धि की घोषणा की है। अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने बताया कि कार्य प्रदर्शन के आधार पर 10 प्रतिशत प्रोत्साहन भत्ता और 5 हजार रुपये का महंगाई भत्ता भी निरंतर जारी रहेगा। अर्थ मंत्रालय विशिष्ट और संवैधानिक पदाधिकारियों के वेतन वृद्धि के प्रस्ताव को कुछ ही दिनों में मंत्रिपरिषद में पेश करने की तैयारी कर रहा है। १७ जेठ, काठमांडू। शुक्रवार को सरकार ने बजट वक्तव्य में नागरिक कर्मचारियों के वेतन वृद्धि की घोषणा की। अर्थमंत्री डॉ. वाग्ले ने बताया कि कर्मचारियों के आधारभूत वेतन में 10 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘कार्य प्रदर्शन आधारित पारिश्रमिक प्रणाली लागू करते हुए मासिक वेतन का 10 प्रतिशत प्रोत्साहन भत्ता दिया जाएगा।’’ बजट वक्तव्य के अनुसार, कर्मचारियों को वर्तमान में मिलने वाला पांच हजार रुपये का महंगाई भत्ता भी जारी रहेगा। बजट के साथ ही सार्वजनिक सेवा में कार्यरत अन्य व्यक्तियों और कर्मचारियों के वेतन में भी नागरिक कर्मचारियों के समान अनुपात में वृद्धि होने की संभावना है। नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल, नेपाली सेना, शिक्षक एवं सार्वजनिक संस्थान के कर्मचारियों के वेतन भी नागरिक कर्मचारियों के आधार पर बढ़ाए जाने की उम्मीद है।

सरकार जल्द ही सभी सार्वजनिक पदाधिकारियों के आधारभूत वेतन और अन्य सुविधाओं का विस्तृत विवरण सार्वजनिक करने की तैयारी में है। हालांकि, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सभामुख, प्रधान न्यायाधीश सहित संवैधानिक पदाधिकारी और प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों के वेतन प्रबंधन को लेकर अभी तक स्पष्टता नहीं है। विशिष्ट पदाधिकारियों के पारिश्रमिक और सुविधाओं के लिए अलग कानून मौजूद होने के कारण उसमें समायोजन की आवश्यकता है। राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के लिए अलग कानून है, जबकि संसद के पदाधिकारियों और न्यायाधीशों के लिए भी अलग कानून है, जिसमें सुविधाओं के सैद्धांतिक पक्षों एवं उनके अपडेट प्रक्रिया का निर्धारण किया गया है। अर्थ मंत्रालय के प्रवक्ता अमृत लम्साल ने बताया कि कुछ ही दिनों में विशिष्ट और अन्य निर्वाचित पदाधिकारियों के वेतन और सुविधाओं का प्रस्ताव मंत्रिपरिषद में प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘उनके संबंध में कुछ दिनों में अर्थ मंत्रालय द्वारा भेजे जाने वाले प्रस्ताव के आधार पर मंत्रिपरिषद निर्णय लेगी और फिर राजपत्र में सूचना प्रकाशित की जाएगी।’’

उनके अनुसार, पूर्व में जब कर्मचारीयों के वेतन में वृद्धि होती थी, तो उसी अनुपात में संवैधानिक पदाधिकारियों के वेतन में भी वृद्धि की जाती थी, लेकिन इस बार यह प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है, इसलिए उनके वेतन वृद्धि की विस्तृत जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है। स्थानीय सरकार के प्रमुख, उपप्रमुख सहित निर्वाचित पदाधिकारियों को नियमित वेतन नहीं मिलता है, बल्कि वे विभिन्न सुविधाएं पाते हैं। वडाध्यक्ष से लेकर सदस्य तक को भी नियमित पारिश्रमिक नहीं मिलता है। इसलिए कर्मचारियों के वेतन वृद्धि के बाद सार्वजनिक पदों पर नियुक्त निकायों के भत्ते और अन्य सुविधाओं में भी संशोधन की परंपरा है।

संविधानिक पदाधिकारी के संभावित वेतन और सुविधाएं: इसके अतिरिक्त राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मंत्री, संघीय संसद के पदाधिकारी और न्यायाधीशों के लिए भी अलग-अलग सुविधाएं हैं, जो पारिश्रमिक में शामिल नहीं होतीं। राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति को आवास, वाहन, ईंधन, अतिथि सत्कार से लेकर चिकित्सा खर्च और निजी सचिवालय की सुविधा भी मिलती है। मंत्रियों के पारिश्रमिक और सुविधाओं के संबंध में कानून प्रधानमंत्री और मंत्रियों को समान सुविधाएं प्रदान करता है। वे पोशाक भत्ते भी प्राप्त करते हैं। संघीय संसद के पदाधिकारी पारिश्रमिक, बैठक भत्ते के अलावा बिजली, पानी और संचार सुविधाएं भी लेते हैं। अपने पद के अनुसार वे अलग-अलग सुविधाएं प्राप्त करते हैं। प्रधान न्यायाधीश और न्यायाधीश पारिश्रमिक के अतिरिक्त विभिन्न भत्ते और सुविधाएं हासिल करते हैं। किराए के मकान में रहने वाले न्यायाधीश वार्षिक आधा महीने का घर मरम्मत खर्च भी पाते हैं। विदेश भ्रमण के दौरान इन पदाधिकारियों को विशेष भत्ता मिलता है, जिसमें भ्रमण भत्ते में 50 प्रतिशत की वृद्धि होती है।

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