
पर्यटक स्थल के रूप में उभर रहा अर्घाखाँची का ‘रॉक गार्डेन’
समाचार सारांश
समीक्षा पश्चात तैयार किया गया।
- अर्घाखाँची के संधिखर्क नगरपालिका–11 डिबर्ना में स्थित ‘रॉक गार्डेन’ हाल आंतरिक पर्यटकों के प्रमुख आकर्षण स्थल के रूप में उभर रहा है।
- स्थानीय सरकार ने पर्यटकों की सुविधा के लिए यहां शौचालय, विश्राम स्थल और मंदिर सहित आवश्यक अवसंरचना का निर्माण किया है।
- संधिखर्क नगर पालिका ने लुम्बिनी और सुपा देउराली से आने वाले पर्यटकों को रॉक गार्डेन तक लाने और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने की योजना बनाई है।
जेष्ठ २४, अर्घाखाँची। संधिखर्क नगरपालिका–11 डिबर्ना में स्थित ‘रॉक गार्डेन’ वर्तमान में इस क्षेत्र का प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त कर रहा है।
संधिखर्क से लगभग 20 मिनट की सवारी कर इस स्थान पर पहुंचा जा सकता है। प्राकृतिक रूप से आकार लिए विशाल चट्टानों की संरचना, पत्थरों के बाग़ीचे जैसी भू-आकृति, स्वच्छ और ठंडी हवा तथा बदलते मौसम यहाँ आने वाले हर पर्यटक को मंत्रमुग्ध कर देते हैं।
पहली बार रॉक गार्डेन जाने वाले आगंतुक यहां की चट्टानों की अनूठी बनावट देखकर आश्चर्यचकित हो जाते हैं। कई जगहों पर मानव निर्मित कलात्मक आकृतियां दिखाई देती हैं, वहीं कुछ जगह फूलों के गुलशन जैसी सुंदर व्यवस्थित संरचनाएं देखी जा सकती हैं, जो इसे प्रकृति की अनमोल कृति बनाती हैं। सैकड़ों रोपनी क्षेत्र में फैली यह भू-रचना एक चट्टानी जंगल जैसी लगती है, जो आगंतुकों को रहस्य, सौंदर्य और शांति का अनुभव कराती है।
यह क्षेत्र हाल ही में आंतरिक पर्यटन का लोकप्रिय गंतव्य बनने लगा है। जिले के विभिन्न हिस्सों से रोजाना यहाँ पर्यटकों का आगमन बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहाँ की शुद्ध हवा, ठंडा मौसम और प्राकृतिक दृश्य शहर की भीड़-भाड़ से दूर कुछ पल मानसिक ताजगी पाने का अवसर देते हैं।
संधिखर्क नगरपालिका–11 के वडाध्यक्ष चेतनारायण आचार्य ने कहा कि प्रचार-प्रसार के कारण यहाँ आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ना एक सकारात्मक संकेत है। “प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर इस क्षेत्र में आंतरिक पर्यटन आकर्षण बढ़ रहा है। हम इसे व्यवस्थित करने के लिए अवसंरचना विकास पर ध्यान दे रहे हैं,” उन्होंने बताया।
नगरपालिका इस स्थान को सुव्यवस्थित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने पर कार्य कर रही है। अभी पर्यटकों की सुविधा के लिए शौचालय, विश्राम स्थल (ट्रस्ट) और मंदिर का निर्माण हो चुका है। वडाध्यक्ष आचार्य के अनुसार, ये सुविधाएं आगंतुकों को आरामदायक अनुभव प्रदान करेंगी। साथ ही, गार्डेन का प्रचार-प्रसार प्राथमिकता पर रखकर दीर्घकालिक पर्यटन विकास रणनीति बनाई जा रही है।
स्थानीय युवा नारायण आचार्य ने कहा, “इसके विकास और प्रचार-प्रसार पर ध्यान देना आवश्यक है क्योंकि यह नगर क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक संपत्ति है। फिलहाल जिले के भीतर से अधिकतर पर्यटक आते हैं, लेकिन इसे बाहरी क्षेत्रों तक पहुंचाने से इसकी महत्ता बढ़ेगी। इसके लिए स्थानीय प्रशासन को और योजनाएं बनानी होंगी।”
रॉक गार्डेन की एक और खास बात यहाँ से दिखने वाला विशाल भू-दृश्य है। इस स्थान से संधिखर्क नगरपालिका के साथ-साथ भूमिकास्थान नगरपालिका, मालरानी गाउँपालिका, पाणिनी गाउँपालिका, छत्रदेव गाउँपालिका तथा पाल्पा और प्युठान जिलों के कुछ भूभाग भी देखे जा सकते हैं।
संधिखर्क के स्थानीय व्यवसायी डिलाराम भूसाल ने कहा, “लुम्बिनी और सुपा देउराली मंदिर से आने वाले पर्यटकों को संधिखर्क बाजार होकर अर्घा भगवती मंदिर और रॉक गार्डेन तक लाया जाए तो जिले में पर्यटन गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे होटल, परिवहन और व्यापार सहित स्थानीय व्यवसायों को सीधे लाभ होगा।”
नगर प्रमुख कृष्णप्रसाद श्रेष्ठ ने कहा, “रॉक गार्डेन को जिले का प्रमुख पर्यटन स्थल बनाने का हमारा लक्ष्य है। पर्यटन विकास के साथ-साथ स्थानीय लोगों की आय और आर्थिक गतिविधियों का विस्तार भी हमारा उद्देश्य है।”
उन्होंने आगे कहा, “लुम्बिनी और सुपा देउराली में आने वाले पर्यटकों को खांचाikot भगवती मंदिर, राज्य, संधिखर्क के सिद्धेश्वर मंदिर और अर्घा भगवती होते हुए यहाँ लाने की योजना बनाई जा रही है, जिससे पर्यटक संख्या बढ़ेगी।”
नगरपालिका के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी प्रमोद खनाल ने कहा, “प्रकृति की उपहारस्वरूप बनी डिबर्ना की यह अनूठी चट्टानें सदैव नेपाल का आदर्श पर्यटन स्थल बन सकती हैं। इसके व्यापक प्रचार-प्रसार, संरक्षण और अवसंरचना विकास पर सभी सम्बंधित पक्षों का ध्यान जाए तो रॉक गार्डेन अर्घाखाँची का चमकता हुआ पर्यटन स्थल बन सकता है।”
उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र केवल प्राकृतिक स्थल ही नहीं, बल्कि अर्घाखाँची के समृद्ध भविष्य का आधार बनने वाली अनमोल संभावनाओं से भरा है। इसकी प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और विशाल संभावनाएं जिले की पहचान स्थापित करने की क्षमता रखती हैं। उन्होंने सभी से इस क्षेत्र के विकास पर ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया। रासस