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कक्रोच जनता पार्टी बनने से पहले दीपक क्या कर रहे थे?

समाचार सारांश संपादकीय समीक्षा के बाद। कक्रोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजित दीपक ने भारत के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा मांगते हुए देशव्यापी प्रदर्शन की चेतावनी दी है। भारतीय सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश सूर्यकांत के टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर शुरू हुए व्यंग्यात्मक अभियान से यह पार्टी उभरी है। रोजगार और शिक्षा के मुद्दे को लेकर इस अभियान के लिए 2 लाख से अधिक लोगों ने अपनी सदस्यता दर्ज करा ली है। २५ जेठ, काठमांडू। कक्रोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजित दीपक ने भारत के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा मांगा है और देश के विभिन्न शहरों में युवाओं के साथ विरोध प्रदर्शन करने की बात कही है। दीपक ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि यदि आगामी शनिवार तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं तो वे देशभर के युवाओं को संगठित कर दिल्ली में विशाल विरोध प्रदर्शन करेंगे। इससे पहले शनिवार को CJP ने दिल्ली के जन्तर मंतर पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किया था, जिसमें अत्यधिक गर्मी के बावजूद सैकड़ों युवा शामिल हुए थे। शिक्षा, रोजगार और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर अचानक अभिजित दीपक कैसे हजारों युवाओं की आवाज़ बने, यही चर्चा का विषय बना हुआ है। दीपक ने मीडिया से ताजा बातचीत में कहा कि यदि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उन्हें पद से हटाना चाहिए। जन्तर मंतर पर उन्होंने कहा, ‘कुछ ही दिनों में लाखों विद्यार्थी हमारे साथ जुड़ेंगे। कक्रोच जनता पार्टी कोई पूर्व नियोजित पार्टी नहीं है। यह सरकार से निराश हर विद्यार्थी की आवाज़ है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘पिछले 10-12 वर्षों से सरकार हमें हिंदू-मुस्लिम की राजनीति में उलझाए हुए है, इससे किसे फायदा हुआ? क्या हिंदू-मुस्लिम की राजनीति करके किसी को रोजगार मिला?’

अभिजित दीपक कौन हैं?
पार्टी गठन करने के बाद अभिजित दीपक भारतीय राजनीति में चर्चित व्यक्ति बन गए हैं, हालांकि उन्होंने आधिकारिक रूप से कोई पार्टी पंजीकृत करने की पुष्टि नहीं की है। दीपक मिम और सोशल मीडिया पर व्यंग्यात्मक शैली में शुरू किए गए अभियान से प्रसिद्ध हुए हैं। 30 वर्षीय अभिजित मूल रूप से महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर के निवासी हैं और पिछले दो वर्षों से अमेरिका में रह रहे हैं। बीबीसी मराठी से बातचीत में उन्होंने पुणे से स्नातक की पढ़ाई बताई। वे लगभग तीन साल तक आम आदमी पार्टी (आप) से जुड़े रहे और पार्टी के कम्युनिकेशन टीम में काम किया। दीपक ने कहा, ‘मैंने कुछ समय उनके साथ काम किया, फिर मुझे और पढ़ाई की जरूरत महसूस हुई और मैंने घर पर मास्टर्स की तैयारी शुरू की। बाद में मुझे बोस्टन यूनिवर्सिटी से बुलाया गया।’ अभिजित ने बोस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशन में स्नातकोत्तर की डिग्री पूरी की। अंग्रेज़ी अखबार ‘द हिंदू’ के अनुसार, उन्होंने 2020 से 2023 तक आप की सोशल मीडिया टीम में काम किया। एक आप सूत्र ने बताया कि दीपक मुंबई टीम में थे और 2023 में छत्रपति संभाजी नगर लौट आए थे। उन्होंने कहा, ‘मैं उनके स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र के कामों से प्रभावित था। यह भारतीय राजनीति में पहली बार कुछ नवीन था, जैसे आज का कक्रोच जनता पार्टी।’

सीजेपी बनाने से पहले क्या कर रहे थे?
पार्टी बनाने से पहले भी दीपक सोशल मीडिया पर सक्रिय थे। उनकी राजनीतिक सोच समझने के लिए उनकी पुरानी पोस्ट एक्स (पूर्व ट्विटर) पर देखी जा सकती हैं। वे अक्सर आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल से जुड़े विषय शेयर करते हैं। सोशल मीडिया पर दीपक साफ तौर पर केजरीवाल के पक्ष में खड़े दिखते हैं और भारतीय आम नागरिकों के मुद्दों पर अपनी राय व्यक्त करते हैं। उन्होंने नीट (नेशनल एलिजिबिलिटी कम इन्ट्रांस टेस्ट) के प्रश्नपत्र लीक होने और इसके बाद छात्रों के मृत्युदर विषय पर कई पोस्ट शेयर किए हैं। इसके अलावा पेट्रोल और डीजल की कीमतों की बढ़ोतरी पर भी उन्होंने टिप्पणी की है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर भी सवाल उठाए हैं। भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेस कुमार के प्रति भी उनके कई विचार रहे हैं। हाल ही में उन्होंने मोदी सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर कई निशाने साधे हैं चाहे वह भारत-अमेरिका व्यापार समझौता हो या पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा नेताओं द्वारा भोजन करते हुए तस्वीर का मामला। उनके एक पोस्ट में उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्रीय पार्टियां भाजपा को 2024 के लोकसभा चुनाव में स्पष्ट बहुमत से रोकने की कोशिश कर रही हैं और अब ये पार्टियाँ एक-एक कर समाप्त हो जाएंगी।

सीजेपी की शुरुआत कैसे हुई?
दीपक की सीजेपी की यात्रा व्यंग्यात्मक और मजेदार शैली में शुरू हुई। यह पार्टी भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की एक टिप्पणी से उपजी है। न्यायाधीश सूर्यकांत ने बेरोजगार युवाओं को ‘कक्रोच’ (सांपौड़ा) और परजीवी कहे जाने पर विरोध हुआ। बाद में सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि यह टिप्पणी नकली शैक्षिक प्रमाणपत्र की बात के संदर्भ में थी और मीडिया ने इसे गलत व्याख्या किया। इसके बावजूद न्यायाधीश की बात के बाद सोशल मीडिया पर व्यंग्यात्मक अभियान शुरू हुआ, जिसका केंद्र अभिजित दीपक का कक्रोच जनता पार्टी (CJP) बना। अब इस नाम की वेबसाइट भी है और इंस्टाग्राम पर 2.2 करोड़ से अधिक फॉलोअर्स हैं। 2 लाख से अधिक लोगों ने वेबसाइट के जरिए सदस्यता लेकर नाम दर्ज करा लिया है।

भारत के ‘जेन जेड’ युवाओं का आंकड़ा विश्व में सबसे बड़ा युवा जनसंख्या में आता है। लगभग 1.4 अरब की आबादी में आधे से अधिक 30 वर्ष से कम आयु के हैं। लेकिन औपचारिक राजनीति में युवाओं की भागीदारी सीमित है। दीपक के अनुसार, ‘लोग निराश हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि उनकी बात नहीं सुनी जाती या सही प्रतिनिधित्व नहीं होता।’ हाल के वर्षों में दक्षिण एशिया के नेपाल, श्रीलंका, बांग्लादेश जैसे देशों में युवाओं ने बेरोजगारी, महंगाई और भविष्य की चिंता को लेकर बड़े विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व किया है। नेपाल में ‘जेन जेड’ आंदोलन बढ़ने पर सरकार को इस्तीफा देना पड़ा था। श्रीलंका और नेपाल के जेन जेड युवाओं से तुलना करते हुए दीपक कहते हैं, ‘भारत के युवा दूसरों की तुलना में अलग हैं, क्योंकि उन्होंने हिंसा नहीं फैलाई।’ वे आगे कहते हैं, ‘युवा वर्ग वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था से तंग आ चुका है। आने वाले वर्षों में युवा बदलाव की मांग करेंगे क्योंकि पिछले 10-12 सालों में देश ने हिंदू-मुस्लिम राजनीति के अलावा कुछ नहीं सुना।’ दीपक का विश्वास है, ‘युवा इस व्यवस्था को बदलना चाहते हैं, जहां तकनीकी रूप से सक्षम हों और सभी को रोजगार मिले। अब हमें विश्व के श्रेष्ठ देशों के साथ अपनी तुलना करनी होगी। हम कब तक नेपाल, पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ ही तुलना करते रहेंगे? भारतीय युवा यही चाहते हैं और वे चाहते हैं कि उनके साथ कक्रोच जैसा व्यवहार न हो।’

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