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केपी शर्मा ओली: एमालेमा पार्टी नेतृत्व परिवर्तन के लिए औपचारिक पहल

नेकपा एमाले के नेता कृष्णगोपाल श्रेष्ठ ने कुछ वर्षों पहले अपनी पार्टी के अध्यक्ष केपी शर्मा ओली का बचाव करते हुए कहा था, ‘‘इस दुनिया में कोई माइकालाल पैदा नहीं हुआ है।’’ उस समय प्रधानमंत्री ओली ने इस्तीफा न देने की बात कही थी, तो मंत्री श्रेष्ठ ने कहा था, ‘‘केपी ओली इज द केपी ओली, फुटबॉल के पेले जैसे हैं, क्या वो बिना सोचे-समझे तुरंत इस्तीफा दे देंगे?’’ अब वह नेता श्रेष्ठ खुद ओली को हटाने की कोशिश में लगे हैं। उन्होंने बीबीसी से कहा, ‘‘इस स्थिति के लिए मुख्य रूप से वे (ओली) जिम्मेदार हैं, लेकिन उन्होंने सुधरने का कोई संकेत नहीं दिया। अब उनका हटाया जाना अनिवार्य है, नहीं तो पार्टी भी नहीं बचेगी।’’

एमाले में नेतृत्व परिवर्तन की मांग के बाद हुई बैठक में चुनाव समीक्षा और पुनर्गठन कार्यदल का गठन किया गया है। इसने बागमती प्रदेश से सुझाव इकट्ठा करना शुरू कर दिया है। नेता कर्णबहादुर थापा का कहना है, ‘‘अब संस्थागत रूप से नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है।’’ उनके अनुसार, ओली के प्रति आलोचना भी बढ़ रही है। वे मानते हैं कि अधिकारी इस बात से अवगत हैं: ‘‘हम तो महाधिवेशन में उन्हें हराने की कोशिश कर रहे थे, जो उन्हें बनाने वाले थे, अब वही उन्हें हटाने पर तुले हैं।’’

पौडेल ने बीबीसी से बातचीत में इस विषय पर बाद में चर्चा करने का बताया था। लेकिन अन्य उपाध्यक्ष पृथ्वी सुब्बा गुरुङ और रघुजी पन्त ने सार्वजनिक रूप में स्पष्ट किया है कि ओली के नेतृत्व में पार्टी नहीं चल सकती। कार्यदल द्वारा बागमती प्रदेश स्तर की चर्चा से पहले और बाद अध्यक्ष ओली की सक्रियता को कुछ लोग उनकी आखिरी बचाव कोशिश के रूप में देख रहे हैं।

एमाले के उपमहासचिव योगेश भट्टarai ने फेसबुक पर लिखा है, ‘‘नेकपा एमाले को और अधिक एकजुट बनाएं! पार्टी पुनर्गठन के कार्यभार को सफल बनाएं!!’’ नेता कृष्णगोपाल श्रेष्ठ कार्यदल से उम्मीद करते हैं कि वह नेतृत्व परिवर्तन का रास्ता खोलेगा। उन्होंने कहा, ‘‘आज का एमाले केपी ओली की निजी कंपनी जैसी हो गई है, लेकिन अब देश, पार्टी और जनता के हित के लिए नेता तथा कार्यकर्ताओं को बोलना होगा।’’

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