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फुटबॉल विश्व कप: दो अलग-अलग ट्रॉफी क्यों होती हैं?

सन् २०१३ मा विश्वकप ट्रफी टूरका क्रममा नेपाल आइपुगेको ट्रफी उचाल्दै नेपालका तात्कालिक राष्ट्रपति रामवरण यादव

तस्बिर स्रोत, AFP via Getty Images

तस्बिर का शीर्षक, सन् २०१३ में विश्व कप द्वारा आयोजित टूर के दौरान ट्रॉफी नेपाल पहुंची थी

कई महान खिलाड़ी विश्व कप की ट्रॉफी को अपने हाथों में उठा चुके हैं। लेकिन ट्रॉफी के बारे में अक्सर चर्चा नहीं होती है या इसके दो अलग-अलग संस्करणों की बहुत कम जानकारी होती है।

विश्व कप की पुरानी ट्रॉफी को मौजूदा डिज़ाइन ने प्रतिस्थापित किए हुए 50 साल से अधिक हो चुके हैं।

फुटबॉल की सबसे प्रतिष्ठित ट्रॉफी में से एक मानी जाने वाली विश्व कप ट्रॉफी को दो अलग-अलग डिजाइन क्यों बनानी पड़ी?

मूल ‘ज्युल रीमे ट्रॉफी’

सन् १९६६ मा विश्वकप जितेपछि वास्तविक 'ज्युल रीमे ट्रफी' सहित इङ्ग्ल्यान्डका खेलाडीहरू

तस्बिर स्रोत, Getty Images

तस्बिर का शीर्षक, सन् १९६६ में विश्व कप जीतने के बाद इंग्लैंड ने मूल ‘ज्युल रीमे ट्रॉफी’ उठाई थी

फिफा ने विश्व कप का पहला आयोजन 1930 में किया था और पहली ट्रॉफी का उपयोग भी शुरू किया था। उस समय प्रतियोगिता ज्युल रीमे के नेतृत्व में थी जिनके सम्मान में इस ट्रॉफी का नाम रखा गया था।

रीमे फिफा के अध्यक्ष 1921 से 1954 तक सबसे लंबे समय तक रहे।

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