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स्वीडन की निगाह ३२ में जगह बनाने पर, नीदरलैंड्स पहली जीत के लिए उत्साहित

फीफा विश्व कप २०२६ के ग्रुप ‘एफ’ के तहत आज ह्यूस्टन में नीदरलैंड्स और स्वीडन के बीच महत्वपूर्ण प्रतिस्पर्धात्मक मैच होने जा रहा है। पहली जीत हासिल करने वाली टीम ३२ राउंड में अपनी जगह पक्की कर लेगी, जबकि नीदरलैंड्स पर जीत का दबाव रहेगा। दोनों टीमों के बीच पिछले २५ मैचों में नीदरलैंड्स ने १२ जीत दर्ज की है, स्वीडन ने ८ मैच जीते हैं और ५ मैच ड्रॉ रहे हैं।

५ असार, काठमांडू। फीफा विश्व कप २०२६ के समूह ‘एफ’ में ह्यूस्टन के एनआरजी स्टेडियम में आज नीदरलैंड्स और स्वीडन का रोमांचक मुकाबला होगा। स्वीडन ने पहले मैच में ट्यूनिशिया को ५-१ से बड़े अंतर से हराकर समूह की शीर्ष स्थिति मजबूत की है, जबकि नीदरलैंड्स ने जापान के साथ २-२ से ड्रॉ खेला है और आज जीत के दबाव में है। खेल विशेषज्ञों ने डच टीम के खिलाड़ियों की क्षमता को उच्च दर्जा दिया है, लेकिन पहले मैच में दिखी रक्षात्मक कमजोरी के कारण नीदरलैंड्स के लिए स्वीडन के आक्रामक संयोजन को रोकना चुनौतीपूर्ण होगा।

इन दोनों देशों के फूटबाल में अब तक २५ मुकाबले हो चुके हैं। अधिकांश मैच दोस्ताना या क्वालिफाईंग चरण के रहे हैं। नीदरलैंड्स ने १२ बार जीत हासिल की, स्वीडन ने ८ मैच जीते और ५ मैच ड्रॉ रहे। वर्तमान तुलना में नीदरलैंड्स का प्रदर्शन बेहतर माना जाता है, लेकिन हाल के समय में दोनों टीमों के बीच कोई बड़ा प्रतिस्पर्धात्मक मैच नहीं हुआ है। इसलिए इस मैच में टीमों की वर्तमान फार्म और प्रदर्शन अहम भूमिका निभाएंगे। नीदरलैंड्स ने पिछले ५ मैचों में २ जीत, २ ड्रॉ और १ हार का सामना किया है, जबकि स्वीडन ने ३ जीत, १ हार और १ ड्रॉ खेला है। विजयी स्वीडन ३२ राउंड में स्थान बना लेगा।

नीदरलैंड्स की टीम में फिलहाल चोट की कोई समस्या नहीं है, लेकिन मुख्य कोच रोनाल्ड कोमान जापान के खिलाफ कमजोरी सुधारने के लिए रक्षा में कुछ बदलाव कर सकते हैं। मिडफील्ड में फ्रेंकी डे जोंग, रयान ग्रावेनबर्च और तिजानी रैंडर्स की तिकड़ी टीम की मुख्य कड़ी होगी। स्वीडन के मुख्य कोच ग्राहम पॉटर पहले मैच में अपनाए गए तीन डिफेंडर सिस्टम को जारी रखने की संभावना रखते हैं। मांसपेशी की समस्या से उबर चुके गेब्रियल गुडमन्डसन आज पूरी तरह फिट होकर विंगर की भूमिका में लौटेंगे। रक्षा की कमान विक्टर लिंडेलॉफ संभालेंगे।

डच टीम अपनी मजबूत मिडफील्ड से बॉल कंट्रोल करके खेल की गति को अपने पक्ष में करने का प्रयास करेगी। कोडी गकपो और डोनी मेलें जैसे तेज़ गति के विंगर स्वीडन की रक्षा पंक्ति पर दबाव डालेंगे। स्वीडन की मुख्य रणनीति आक्रमण को तेज़ और सटीक बनाकर काउंटर अटैक करना है, जो बॉल रिकवरी और अलेक्जेंडर इसाक तथा विक्टर ग्योकेरेस को महत्वपूर्ण पास देने पर निर्भर है। थोड़ी सी गलती भी स्वीडन के इन दो आक्रमणकारियों के लिए घातक साबित हो सकती है।

देखने योग्य खिलाड़ी:

नीदरलैंड्स

  • फ्रेंकी डे जोंग: डच टीम के मिडफील्ड का मेरुदंड, जो बॉल कंट्रोल करके आक्रमण की दिशा और खेल की गति तय करते हैं। उनका रोल बॉल कब्जे की रणनीति में बेहद महत्वपूर्ण है।
  • वर्जिल वान डाइक: टीम के कप्तान और विश्व के प्रभावशाली डिफेंडर्स में से एक। स्वीडन के आक्रामक खिलाड़ियों को दबाव में रखने और काउंटर अटैक रोकने में उनकी अहम भूमिका होगी।
  • कोडी गकपो: बाएं विंगर के रूप में तेज गति से खेलने वाला आक्रमणकारी। स्वीडन की तीन डिफेंडर प्रणाली को तोड़कर डिबक्स के भीतर से गोल करने की प्राथमिक जिम्मेदारी निभाएंगे।

स्वीडन

  • विक्टर ग्योकेरेस: विश्व फुटबॉल में बेहतरीन फार्म में मौजूद स्ट्राइकर। ट्यूनिशिया के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करने वाले ग्योकेरेस की शारीरिक ताकत और सटीक फिनिशिंग डच टीम के लिए मुख्य चुनौती होगी।
  • अलेक्जेंडर इसाक: तेज रफ्तार और केंद्रीय ड्रिब्लिंग कौशल के लिए परिचित अग्रपंक्ति खिलाड़ी। काउंटर अटैक में बेहद खतरनाक और संभावित गोलकर्ता।
  • विक्टर लिंडेलॉफ: स्वीडन के सबसे अनुभवी डिफेंडर। टीम की तीन डिफेंडर प्रणाली में प्रमुख भूमिका निभाएंगे और तेज़ डच स्ट्राइकरों को रोकने तथा रक्षा व्यवस्था काबू में रखने का कार्य संभालेंगे।

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