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नेपाल में भूकंप का खतरा: ‘मेन हिमालय थ्रस्ट’ क्षेत्र की स्थिति के कारण उच्च जोख़िम, तैयारी कैसी है?

भूकंप मापन यंत्र, पृष्ठभूमि में पहाड़ दिखाई दे रहे हैं

तस्वीर स्रोत, seismonepal

तस्वीर का शीर्षक, नेपाल में भूकंपीय जोखिम वाले fault लाइन पर पर्याप्त अध्ययन नहीं होने की बात विशेषज्ञ बताते हैं

वेनेजुएला में एक मिनट के अंतराल में दो बार 7 मैग्निट्यूड से अधिक के शक्तिशाली भूकंप के लगभग दो घंटे बाद गुरुवार को पश्चिमी नेपाल के जुम्ला में 4.1 मैग्निट्यूड का भूकंप आया है।

ग्यारह साल पहले लगभग 9,000 लोगों की जान लेने वाले ‘गोरखा भूकंप’ का सामना कर चुका नेपाल वेनेजुएला भूकंप से थोड़ा चिंतित हो उठा है। कई लोगों ने नेपाल की पूर्व तैयारी को लेकर सवाल उठाए हैं।

अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण एजेंसी USGS के अनुसार वेनेजुएला की राजधानी काराकस के निकट केंद्रित पहला भूकंप आने के 39 सेकंड बाद उससे भी शक्तिशाली दूसरा भूकंप मापा गया था। पहले भूकंप की तीव्रता 7.2 और दूसरे की 7.5 मैग्निट्यूड थी। इन भूकंपों से वहां भारी विनाश होने का अनुमान संबंधित अधिकारियों ने लगाया है।

नेपाल से लगभग 14,000 किलोमीटर दूर वेनेजुएला में आए इन भूकंपों का जुम्ला के तामी में मापे गए 4.1 मैग्निट्यूड के भूकंप से कोई सम्बन्ध नहीं है।

नेपाल में हर दिन औसतन लगभग 10 भूकंप आते रहते हैं, जिन्हें आमतौर पर महसूस नहीं किया जा पाता है, ऐसा भूकंप मापन केंद्र के वरिष्ठ भूकंप वैज्ञानिक लोकविजय अधिकारी बताते हैं। केंद्र दो मैग्निट्यूड से ऊपर के भूकंपों को रिकॉर्ड करता है।

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