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अमेरिका और ईरान ने होर्मुज संधि क्षेत्र से सेनाएं वापस लेने पर किया सहमति, तनाव में आई कमी

अमेरिका और ईरान ने हाल के सैन्य संघर्षों के बाद तनाव कम करने के लिए अपनी-अपनी सेनाओं को होर्मुज संधि क्षेत्र से हटाने पर सहमति व्यक्त की है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार इस सहमति के बाद व्यावसायिक और मालवाहक जहाज निर्बाध रूप से इस समुद्री मार्ग से आवागमन कर सकेंगे। युद्ध को पूर्ण रूप से समाप्त करने के लिए दो देशों के बीच कतर में तकनीकी वार्ताएं जारी हैं, हालांकि ईरान ने इस विषय पर अभी तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। १५ जून, काठमांडू।

हाल के दिनों में होने वाले क्रमशः सैन्य हमलों और जवाबी हमलों के बाद अमेरिका और ईरान ने अपनी सैन्य बलों को वापस लेकर तनाव कम करने पर सहमति जताई है। मीडिया रिपोर्टों में एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के हवाले से यह जानकारी सामने आई है। रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण होर्मुज संधि क्षेत्र और उसके आसपास के समुद्री इलाकों में हाल की झड़पों के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर युद्धविराम उल्लंघन का आरोप लगाया था।

अमेरिकी अधिकारी ने बीबीसी के अमेरिकी साझेदार मीडिया ‘सीबीएस न्यूज’ को इस सहमति की पुष्टि करते हुए कहा कि अब व्यावसायिक और मालवाहक जहाज स्वतंत्र रूप से इस समुद्री मार्ग से आवागमन कर सकेंगे। युद्ध जैसी स्थिति को पूरी तरह खत्म करने के उद्देश्य से कतर में नए चरण की तकनीकी वार्ता भी जारी है। हालांकि, होर्मुज संधि क्षेत्र में हमले रोकने और सैन्य बल पीछे हटाने संबंधी इन रिपोर्टों के प्रकाश में ईरान की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

इससे पहले २२ मई को अमेरिका और ईरान ने पाकिस्तान की मध्यस्थता में १४ बिंदुओं वाला ऐतिहासिक समझौता पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें “सभी मोर्चों पर सैन्य अभियानों को तुरंत और स्थायी रूप से समाप्त करने” का प्रावधान शामिल था। फिर भी इस समझौते के बाद सिंगापुर के झंडे वाला ‘एवर लवली’ समेत जहाजों पर हुए हमले और इसके जवाब में अमेरिकी सेंट्रल कमांड द्वारा ईरानी सैन्य ठिकानों पर किए गए हमलों ने युद्धविराम को जोखिम में डाल दिया था। नई सहमति ने फिलहाल युद्ध के खतरे को कम कर दिया है और विश्वव्यापी ऊर्जा बाजार की नली मानी जाने वाली होर्मुज संधि क्षेत्र में फिर से शांति बहाल करने की उम्मीद जताई जा रही है।

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