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देशभर ७० प्रतिशत धान की रोपाई पूरी, मधेस में उल्लेखनीय सुधार

कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार १ साउन तक देशभर के धान के खेतों में ६९.७७ प्रतिशत रोपाई पूरी हो चुकी है। सुदूरपश्चिम प्रदेश में ९०.६७ प्रतिशत रोपाई के साथ सबसे आगे है, जबकि मधेस प्रदेश में ५७.१३ प्रतिशत क्षेत्रफल पर रोपाई हुई है। मॉनसून के सक्रिय रहने और सिंचाई की उपलब्धता के कारण बाकी ३० प्रतिशत क्षेत्रफल में भी साउन माह के भीतर रोपाई पूरी होने की उम्मीद कृषि विभाग ने जताई है।

१ साउन, काठमांडू। इस वर्ष की धान रोपाई सत्र के मध्य तक पहुंचते ही देश के लगभग ७० प्रतिशत क्षेत्रफल में रोपाई संपन्न हो चुकी है। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, १ साउन तक सातों प्रदेशों में औसतन ६९.७७ प्रतिशत रोपाई हो चुकी है। पिछले वर्ष इसी तारीख तक यह आंकड़ा ७२.१४ प्रतिशत था। नेपाल में धान की खेती के लिए उपलब्ध कुल १३ लाख ७३ हजार ८ सय ६२ हेक्टेयर में से इस वर्ष ९ लाख ५८ हजार ५ सय ७४ हेक्टेयर क्षेत्र में धान की रोपाई की जा चुकी है।

प्रति प्रदेश देखें तो सुदूरपश्चिम प्रदेश सबसे आगे है। यहाँ कुल १ लाख ६२ हजार २ सय ५० हेक्टेयर क्षेत्रफल में से १ लाख ४७ हजार १ सय ६ हेक्टेयर में रोपाई हुई है, जो ९०.६७ प्रतिशत है। हालांकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यहाँ ९६.९९ प्रतिशत रोपाई हो चुकी थी। लुम्बिनी प्रदेश में भी रोपाई अच्छी प्रगति पर है, जहाँ ३ लाख १ हजार ३ सय ७२ हेक्टेयर क्षेत्र में से ८०.६५ प्रतिशत अर्थात् २ लाख ४३ हजार ४२ हेक्टेयर क्षेत्र में रोपाई हुई है।

उसी तरह, गण्डकी प्रदेश में ७८.३६ प्रतिशत, बागमती में ७७.३३ प्रतिशत, और कर्णाली प्रदेश में ७७.०५ प्रतिशत क्षेत्रफल में रोपाई हुई है। मधेस प्रदेश में भी महत्वपूर्ण सुधार हुआ है, जहां पिछले साल साउन के पहले सप्ताह तक मात्र ४६.८३ प्रतिशत रोपाई हुई थी, इस वर्ष यह बढ़कर ५७.१३ प्रतिशत हो गई है। मधेस के कुल ३ लाख ८२ हजार ४ सय ३३ हेक्टेयर क्षेत्रफल में से अभी तक २ लाख २१ हजार ५ सय ४६ हेक्टेयर पर धान की रोपाई हो चुकी है।

कोशी प्रदेश में जबकि पिछले वर्ष ६१.७९ प्रतिशत रोपाई हुई थी, इस वर्ष ५४.८६ प्रतिशत ही हुई है। यहाँ कुल २ लाख ७६ हजार ३ सय ८६ हेक्टेयर क्षेत्रफल में से १ लाख ५१ हजार ६ सय १९ हेक्टेयर पर ही रोपाई पूरी हुई है। पूरे देश में रोपाई की स्थिति देखकर प्रतीत होता है कि मॉनसून सक्रिय रहने और सिंचाई की उपलब्धता के कारण अधिकांश प्रदेशों में अच्छी भौतिक प्रगति हुई है। साउन महीने भर रोपाई जारी रहने की वजह से बाकी ३० प्रतिशत क्षेत्रफल में भी अच्छी रोपाई पूरी होने की संभावना है।