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जापान में 100 प्रतिशत से अधिक दक्षता वाला सौर्य प्रणाली विकसित

समाचार सारांश संचालन के बाद परीक्षण और प्रबंधकीय समीक्षा। जापान के क्युशू विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने ‘स्पिन-फ्लिप’ आणविक प्रणाली का उपयोग करके सौर्य पैनलों की दक्षता 130 प्रतिशत तक पहुंचाने में सफलता हासिल की है। विशेषज्ञों ने ‘सिंग्लेट फिशन’ तकनीक और ‘मोलिब्डेनम’ मिश्रण का उपयोग कर सूर्य की प्रकाश से अधिक ऊर्जा उत्पन्न की है। नई तकनीक ने पारंपरिक सौर्य पैनलों की 33 प्रतिशत दक्षता की सीमा को पार करते हुए सस्ते और अत्यंत शक्तिशाली पैनलों के निर्माण में सहायता करने की उम्मीद जताई है। 15 चैत्र, काठमाडौँ। जापान के क्युशू विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने सौर्य पैनलों की कार्यक्षमता में महत्वपूर्ण प्रगति की है। उन्होंने ‘स्पिन-फ्लिप’ नामक नई आणविक विधि का प्रयोग कर सौर्य ऊर्जा दक्षता को 130 प्रतिशत तक बढ़ाने में सफलता प्राप्त की है। इसका तात्पर्य है कि यह तकनीक सूर्य की प्रकाश से अधिक ऊर्जा उत्पन्न करने में सक्षम होगी। रविवार को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, वैज्ञानिकों ने ‘सिंग्लेट फिशन’ तकनीक और ‘मोलिब्डेनम’ आधारित धातु मिश्रण के जरिए यह उपलब्धि हासिल की है। सामान्यतः, पारंपरिक सौर्य पैनल सूर्य की प्रकाश का केवल एक तिहाई भाग ही बिजली में बदल पाते हैं, जिसे ‘शॉकली-क्वाइजर लिमिट’ के नाम से जाना जाता है। लेकिन नई ‘स्पिन-फ्लिप’ विधि एक प्रकाश कण से दो ऊर्जा कण उत्पन्न करने की क्षमता रखती है, जिससे यह 100 प्रतिशत दक्षता की सीमा को पार करने में समर्थ हुई है। यह अनुसंधान फिलहाल परीक्षण चरण में है, फिर भी भविष्य में इस तकनीक से कम प्रकाश में भी अधिक बिजली उत्पादन करने तथा सस्ते एवं शक्तिशाली सौर्य पैनलों के निर्माण का रास्ता खुलने की उम्मीद है।

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