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डा. गोविन्द केसी ने एमबीबीएस प्रवेश नियमों के उलट निर्णय पर सरकार को चेतावनी दी

डा. गोविन्द केसी ने एमबीबीएस प्रवेश से संबंधित फैसलों को कानूनी दायरे में रखने का सुझाव दिया है। प्रधानमंत्री बालेन शाह की अध्यक्षता में हुई चिकित्सा शिक्षा आयोग की बैठक में एमबीबीएस प्रवेश के फैसले पर गंभीर चिंता जताई गई। डा. केसी ने कहा है कि यदि शासन व्यवस्था के खिलाफ लिए गए फैसले वापस नहीं लिए गए और मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। १९ चैत, काठमांडू।

चिकित्सा शिक्षा सुधार के अभियानकर्ता डा. गोविन्द केसी ने सरकार से एमबीबीएस प्रवेश संबंधी फैसले को कानून के भीतर ही रखने का आग्रह किया है। प्रधानमंत्री बालेन शाह की अध्यक्षता में हुई चिकित्सा शिक्षा आयोग की २४वीं बैठक में एमबीबीएस प्रवेश के निर्णय पर गहरी चिंता जताई गई और इसने चिकित्सा शिक्षा में स्थापित कानून और प्रणाली पर सवाल उठाने के रूप में देखा गया, ऐसा केसी ने बताया।

गुरुवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में डा. केसी ने याद दिलाया कि एमबीबीएस समेत सभी विषयों में प्रवेश योग्यता केवल क्रमशः सूची के आधार पर ही होनी चाहिए, जो स्पष्ट कानूनी प्रावधान है। इस वर्ष विद्यार्थियों का प्रवेश हो चुका है और पढ़ाई भी शुरू हो चुकी है, ऐसे में नियमों के विरोध में लिए गए निर्णय शासन व्यवस्था के सिद्धांत के विपरीत होंगे, उन्होंने सतर्क किया।

उन्होंने कहा कि शासन व्यवस्था के लिए संघर्ष कर रही नई पीढ़ी की भावनाओं का सम्मान करते हुए कानून को न तोड़ने और न तोड़ने रखने के लिए प्रधानमंत्री से आग्रह किया गया है। ‘किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत आकांक्षा पूरी करने के लिए कानूनी व्यवस्था और वैकल्पिक उपायों की खोज की जा सकती है,’ विज्ञप्ति में बताया गया है।

१ चैत को हुई मंत्री परिषद की बैठक में जेनजी आंदोलन में घायल हुई एकता शाह को अतिरिक्त छात्रवृत्ति कोटे में एमबीबीएस पढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया था। इस निर्णय को लागू करने के लिए बुधवार को आयोग की बैठक बुलाई गई थी। यह प्रस्ताव ही कानून के उल्लंघन में माना गया है।

डा. केसी ने चिकित्सा शिक्षा आयोग के पदाधिकारियों को योग्य व्यक्तियों के लिए मार्ग प्रशस्त करने की भी चेतावनी दी है। उन्होंने सरकार से कहा कि वह पिछले विभिन्न समझौतों को लागू करे और चिकित्सा शिक्षा अधिनियम एवं नियमावली के विपरीत आयोग के फैसले को वापस ले। केसी वर्तमान में त्रिभुवन विश्वविद्यालय शिक्षण अस्पताल में उपचाराधीन हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार, सुशासन और सामाजिक न्याय के लिए लंबे समय से संघर्षरत डा. केसी ने कहा कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे सत्याग्रह सहित आंदोलन पर उतर आएंगे।

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