
इरान द्वारा अमेरिकी सैन्य विमान गिराने पर अमेरिकी मीडिया की प्रतिक्रियाएं क्या हैं?
२१ चैत, काठमांडू। इरान ने दो अमेरिकी लड़ाकू विमान गिराने का दावा किया है। इस दावे के बाद अमेरिकी मीडिया सीएनएन ने लिखा है कि इरान के साथ युद्ध अमेरिकी जनता के बीच व्यापक असंतोष बढ़ा रहा है। इससे पहले ही राष्ट्रपति ट्रंप को इरान के साथ संभावित युद्ध को लेकर आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा था।
सीएनएन ने उल्लेख किया है, ‘‘ऐसे युद्ध में जहां सैन्य वर्चस्व अमेरिका के पक्ष में है, इस घटना ने विषम युद्ध के खतरे को उजागर किया है। इसमें लगने वाला खर्च और जोखिम अमेरिकी जनता पहले ही स्वीकार नहीं कर रही है।’’
दूसरे अमेरिकी मीडिया एनबीसी न्यूज ने इस युद्ध में अमेरिका की पहली दावे को गलत साबित माना है। ‘‘इरान के अंदर अमेरिकी विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से यह दर्शाता है कि इरानी हवाई क्षेत्र में अमेरिका का पूर्ण नियंत्रण का विचार गलत साबित हुआ है,’’ एनबीसी न्यूज ने लिखा है।
ट्रंप, जो इरान के साथ युद्ध में जीत का भरोसा देते हुए युद्ध समाप्ति के दबाव में हैं, इस दौरान ये घटनाएं हुई हैं। ‘‘उन्होंने मध्य पूर्व में नए सैनिकों की तैनाती करते हुए कहा है— यदि इरान होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोलता है तो क्षेत्र में तनाव और बढ़ेगा,’’ एनबीसी न्यूज ने लिखा है।
दूसरे अमेरिकी मीडिया हाउस फॉक्स न्यूज ने विशेषज्ञों के हवाले से कहा है कि युद्ध के क्षेत्र का आकाश नियंत्रित करना मतलब उस क्षेत्र के जोखिम से बाहर होना नहीं है, और इस बयान में व्यंग्य भी किया है।
‘‘इरान ने एफ-१५ लड़ाकू विमान गिराने के बाद ट्रंप प्रशासन के आकाश पर वर्चस्व के दावे पर सवाल उठे हैं,’’ फॉक्स न्यूज ने लिखा है।