
सर्वोच्च अदालत के शाखा अधिकारी विष्ट पर नकली पत्र जारी करने का आरोप, रेशम चौधरी की गिरफ्तारी पर कार्रवाई
जिला अदालत काठमांडू ने सर्वोच्च अदालत के शाखा अधिकारी महिमान सिंह विष्ट को लिखित मामलों में दोषी करार दिया है। विष्ट द्वारा जारी नकली पत्र के आधार पर नागरिक स्वतंत्रता पार्टी के नेता रेशम चौधरी को गिरफ्तार किया गया था। न्यायाधीश खिमानन्द भुषाल की अदालत ने विष्ट को सजा और जुर्माना देने के विषय में अगली सुनवाई करने का आदेश दिया है। २२ चैत्र, काठमांडू।
सर्वोच्च अदालत के शाखा अधिकारी विष्ट द्वारा जारी नकली पत्र की वजह से नागरिक स्वतंत्रता पार्टी के तत्कालीन संस्थापक नेता रेशम चौधरी गिरफ्तार हुए थे। इस घटना के बाद विष्ट को गिरफ्तार किया गया था। न्यायाधीश खिमानन्द भुषाल की अदालत ने उन्हें दोषी ठहराते हुए तीन वर्ष से अधिक की कैद की सजा और जुर्माना लगाने के संबंध में अगली सुनवाई करने का निर्देश दिया है।
गत वैशाख १७ को सर्वोच्च अदालत के शाखा अधिकारी महिमान सिंह विष्ट द्वारा जारी पत्र के आधार पर पार्टी एकीकरण घोषणा पत्र पहुंचने पर नागरिक स्वतंत्रता पार्टी के संरक्षक व पूर्व सांसद रेशम चौधरी को गिरफ्तार किया गया था। न्यायालय में विचाराधीन मामले के निपटारे से पहले चौधरी को कैद में रखने के लिए जारी किया गया पत्र अवैध और गैरकानूनी पाया गया, जिसके बाद उन्हें कुछ घंटों के भीतर ही रिहा कर दिया गया था। तत्पश्चात, पत्र तैयार करने वाले शाखा अधिकारी विष्ट को गिरफ्तार किया गया। जेल और पुलिस द्वारा तुरंत दूसरा पत्र भेजा गया, जिससे सर्वोच्च अदालत ने रेशम चौधरी के रिहाई का मार्ग भी सुनिश्चित किया था।