
हत्या के दोषी को १९ साल कैद की सजा, २९ साल बाद गिरफ्तार
२५ चैत, स्याङ्जा। लगभग तीन दशक पूर्व हुई हत्या के एक मामले में दोषी करार दिए गए आरोपी २९ साल बाद गिरफ्तार किए गए हैं। भीरकोट नगरपालिका–२ के ६३ वर्षीय हेमबहादुर केसी (जोगी) को पुलिस ने २९ साल फरार रहने के बाद बुधवार को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, २०५३ साल कात्तिक ३ को तत्कालीन वालिङ गाविस–३ सिद्धार्थ राजमार्ग क्षेत्र में उसी गाविस–६ के रणबहादुर सारु की हत्या हुई थी। इस मामले की याचिका सर्वोच्च अदालत तक पहुंची और केसी को १९ साल ७ महीने २१ दिन की कैद की सजा सुनाई गई। इसके बाद से वह फरार था। जिल्ला प्रहरी कार्यालय स्याङ्जा ने विशेष सूचना के आधार पर भीरकोट–२ भारथान लुवाडाँड से केसी को गिरफ्तार करने की जानकारी दी। गिरफ्तारी के बाद उन्हें उसी दिन स्याङ्जा जिला अदालत में पेश किया गया और जिला कारागार भेज दिया गया, जिसे जिला प्रहरी कार्यालय स्याङ्जा के सूचना अधिकारी, प्रहरी नायब उपरीक्षक (डीएसपी) प्रसन्नराज चौधरी ने बताया। उनकी जानकारी के अनुसार, जेल से बचने के लिए केसी ने अपनी पहचान भी बदल ली थी और अलग थर से नागरिकता भी बनवाई थी, जिसे पुलिस ने पुष्टि की है।