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समुद्री वातावरण संरक्षण के लिए ऑयस्टर रीफ पुनर्निर्माण अनिवार्य: शोध

मैक्वेरी विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने ऑयस्टर रीफ पुनर्जीवन का सरल और प्रभावी उपाय खोजा है। उन्होंने सिडनी के ऑयस्टर रीफ की थ्री-डी ज्यामितीय संरचना को देखा, जो छोटे ऑयस्टरों के जीवन और मृत्यु को निर्धारित करती है। कंक्रीट की 16 प्रकार की टाइलों में प्राकृतिक रीफ जैसे सुरक्षित छोटे स्थान बना देने से ऑयस्टर के बच्चे अधिक जीवित रहने में सफल पाए गए हैं। 25 चैत्र, काठमांडू।

वैज्ञानिकों ने समुद्री पारिस्थितिक तंत्र के मेरुदंड माने जाने वाले ऑयस्टर रीफ को पुनः सक्रिय करने का सहज और प्रभावी उपाय पहचाना है। मैक्वेरी विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने प्रकृति द्वारा बनाए गए ‘रीफ डिज़ाइन’ का रहस्य उजागर किया है। इससे विश्वभर में नष्ट हो रहे समुद्री चट्टानों के संरक्षण में मदद मिलेगी। यह अध्ययन प्रतिष्ठित वैज्ञानिक जर्नल ‘नेचर’ में प्रकाशित हुआ है।

अब तक ऑयस्टर रीफ को केवल शंखकिरा जैसे जीवों के अनियंत्रित जमाव के रूप में माना जाता था। नए शोध ने इसे सुव्यवस्थित ‘थ्री-डी प्रणाली’ सिद्ध किया है। शोधकर्ताओं ने सिडनी के ऑयस्टर रीफ की उच्च-रिज़ॉल्यूशन थ्री-डी फोटो लेकर अध्ययन किया, जिससे उनकी ज्यामितीय संरचना छोटे ऑयस्टरों के जीवन और मृत्यु को निर्धारित करती है। अध्ययन में यह पाया गया है कि ऑयस्टर के बच्चों को पालने के लिए बड़े और जटिल संरचनाओं की तुलना में छोटे और सुरक्षित छिद्र अधिक प्रभावी हैं।

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