
दूसरी राष्ट्रीय आर्थिक गणना शुरू, अर्थव्यवस्था की वर्तमान स्थिति समझने के लिए
राष्ट्रीय आर्थिक गणना २०८२ के स्थलगत तथ्यांक संग्रह २ वैशाख २०८३ से ७ असार २०८३ तक ७७ जिलों में संचालित है। इस गणना के माध्यम से उद्योग, व्यापार, सेवा क्षेत्र, निजी व्यवसाय, सहकारी और सार्वजनिक संस्थानों की संख्या, रोजगार, उत्पादन और सेवा प्रवाह से संबंधित तथ्यांक एकत्रित किए जा रहे हैं। स्थलगत तथ्यांक संग्रह के लिए ४ हजार ४ सय ३३ प्रशिक्षित गणक और सुपरवाइजर लगाए गए हैं तथा ऑनलाइन विवरण भरने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। २ वैशाख, काठमाडौं। ‘राष्ट्रीय आर्थिक गणना २०८२’ का स्थलगत तथ्यांक संग्रह शुरू हो चुका है। राष्ट्रीय तथ्यांक कार्यालय के प्रवक्ता और उपाध्यक्ष तथ्यांक अधिकारी ढुँढीराज लामिछाने के अनुसार ‘अर्थव्यवस्था मापने के लिए आर्थिक गणना’ के मूल नारे के साथ देश की समग्र आर्थिक स्थिति का तथ्यात्मक चित्र प्राप्त करने के लिए यह राष्ट्रीय आर्थिक गणना आयोजित की गई है। स्थलगत गणना २ वैशाख २०८३ से ७ असार २०८३ तक चलेगी। यह दूसरी राष्ट्रीय आर्थिक गणना है। सरकार ने चालू आर्थिक वर्ष २०८२/८३ की नीति तथा कार्यक्रम और बजट के माध्यम से इस कार्यक्रम को शामिल किया था। इस अवधि में कार्यालय ने दो दर्जन से अधिक संघ संस्थाओं के साथ समन्वय कर आर्थिक गणना को सुगम बनाने का आग्रह भी किया था।
कार्यालय ने आर्थिक गणना के उद्देश्य से १ चैत २०८२ से ३० असार २०८३ तक जिले स्तर पर कार्यालय स्थापित कर संचालन किया है। आर्थिक गणना से प्राप्त आंकड़ों को आर्थिक वर्ष २०८३/८४ से प्रसंस्कृत और विश्लेषित कर परिणाम प्रकाशित करने की तैयारी की जा रही है। कार्यालय के अनुसार राष्ट्रीय आर्थिक गणना के जरिए उद्योग, व्यापार, सेवा क्षेत्र, निजी व्यवसाय, सहकारी एवं सार्वजनिक संस्थाओं की संख्या, भौगोलिक वितरण, रोजगार, उत्पादन और सेवा प्रवाह संबंधित डेटा संग्रहित किया जा रहा है। राष्ट्रीय तथ्यांक कार्यालय ने देश की आर्थिक संरचना को समझने, रोजगार की स्थिति की जानकारी प्राप्त करने और भविष्य की आर्थिक योजनाएं बनाने के लिए आर्थिक गणना आवश्यक होने का उल्लेख किया है। यह गणना देशभर के सभी उद्योग, व्यापार, सेवा क्षेत्र और छोटे-बड़े व्यवसायों का तथ्यांक संग्रह करेगी।