
ट्रम्प द्वारा सच मंच पर प्रस्तुत AI छवि ने ईसाई समुदाय में विवाद खड़ा किया
डोनाल्ड ट्रम्प ने रविवार को अपने ‘ट्रूथ सोशल’ प्लेटफॉर्म पर एक AI द्वारा निर्मित तस्वीर पोस्ट की है, जिसने फिलहाल विवाद को जन्म दिया है।
उस तस्वीर में ट्रम्प को यीशु जैसे दैवीय स्वरूप में दर्शाया गया है, जहां उनके हाथों से दिव्य प्रकाश निकल रहा है और वे अस्पताल के बिस्तर पर पड़े मरीज का उपचार कर रहे हैं। पृष्ठभूमि में नरक का एक राक्षस दिखाई देता है।
तस्वीर विवादों में आने के बाद ट्रम्प ने उस पोस्ट को हटा दिया। उसी दिन उन्होंने इस मंच पर पोप लियो 14वें के खिलाफ गंभीर आलोचना की थी। ट्रम्प ने पोप पर ‘अपराध नियंत्रण में कमजोर’ होने का आरोप लगाया और कहा कि वे कैथोलिक चर्च के प्रमुख और बराक ओबामा के रणनीतिकार डेविड एक्सेलरड के प्रभाव में हैं।
ट्रम्प ने पोप से माफी माँगने से इंकार करते हुए कहा, ‘वे सार्वजनिक रूप से आए थे। मैं केवल पोप लियो 14वें को जवाब दे रहा था।’
ट्रम्प को अपने कुछ वरिष्ठ व वफादार ईसाई समर्थकों के गुस्से का सामना करना पड़ा है, जबकि कई अन्य ने ट्रम्प का अन्य गलतियों में भी समर्थन किया था।
फॉक्स न्यूज की पॉडकास्ट होस्ट राइली गेंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि ट्रम्प ने यह पोस्ट क्यों किया।
उन्होंने आगे लिखा, ‘क्या वह कोई प्रतिक्रिया पाने की कोशिश कर रहे हैं? क्या वे सचमुच ऐसा सोचते हैं? फिर भी दो बातें सच हैं: 1– थोड़ी विनम्रता उन्हें लाभ पहुंचाएगी। 2– ईश्वर का मजाक उड़ाना उचित नहीं है।’
रुढ़िवादी ‘डेली वायर’ की लेखिका मेगन बासम ने उक्त पोस्ट को अत्यंत अपमानजनक बताया।
उन्होंने लिखा, ‘मुझे नहीं पता राष्ट्रपति मजाक कर रहे थे या किसी नशीली वस्तु के प्रभाव में थे, या इसके लिए कोई अन्य संभावित स्पष्टीकरण हो सकता है।’
उन्होंने ट्रम्प से इस तस्वीर को तुरंत हटाने और पहले अमेरिकी जनता से और फिर ईश्वर से माफी मांगने का आग्रह किया।
इसी मीडिया माध्यम की होस्ट इसाबेल ब्राउन ने इस तस्वीर को घृणित और अस्वीकार्य बताया। उन्होंने कहा, ‘यीशु से महत्वपूर्ण कुछ भी नहीं है। स्पष्ट तौर पर कहें तो, यह पोस्ट घृणित और अस्वीकार्य है।’
राइट-विंग ‘ब्लेज टीवी’ के होस्ट स्टीव डेस ने केवल एक शब्द में प्रतिक्रिया दी, ‘नहीं’। जब पत्रकारों ने ट्रम्प से पूछा कि क्या उन्होंने खुद को यीशु मसीह के रूप में दिखाते हुए तस्वीर पोस्ट की है, तो ट्रम्प ने जवाब दिया, ‘वह कोई चित्रण नहीं था, वह मैं हूं।’
ट्रम्प ने आगे कहा, ‘यह तो एक चिकित्सक के रूप में मेरी तस्वीर होनी चाहिए जो लोगों को ठीक कर रहा है।’ उन्होंने दावा किया कि वे वास्तव में लोगों को ठीक कर सकते हैं।
उपराष्ट्रपति जेडी भान्स ने सोमवार को फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ऐसा तस्वीर सिर्फ ‘मजाक’ बताया और ट्रम्प का बचाव किया।
‘कई लोगों को उनके मजाक को समझने में दिक्कत हुई इसलिए ट्रम्प ने पोस्ट हटाई,’ भान्स ने कहा।
ट्रम्प वर्तमान में कैथोलिक इतिहास के पहले अमेरिकी मूल के पोप, लियो 14वें, के साथ मौखिक विवाद में हैं। पोप लियो ने बिना ट्रम्प का नाम लिए इरान के साथ युद्ध के संदर्भ में अमेरिकी विदेश नीति को ‘सर्वशक्तिमान होने का भ्रम’ करार दिया था।
ट्रम्प ने पोप को ‘अपराध नियंत्रण में कमजोर’ कहा और साफ तौर पर कहा कि वे ‘पोप लियो के प्रशंसक नहीं हैं’। साथ ही उन्होंने कहा कि विश्व के एक अरब 40 करोड़ कैथोलिकों के नेता कट्टर वामपंथी स्वार्थों की पूर्ति में लगे हुए हैं।
गाजा में हुए नरसंहार और विनाश के खिलाफ मुखर रहने वाले पोप ने अल्जीरिया यात्रा के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए ट्रम्प प्रशासन का डर नहीं मानने और युद्ध के खिलाफ लगातार आवाज उठाने की बात कही।
ट्रम्प के पोप पर हमले की व्यापक निंदा हुई है। उनके पुराने समर्थक और कट्टर दक्षिणपंथी उप प्रधानमंत्री माटेओ साल्विनी समेत इटली के विभिन्न राजनीतिक विचारधारा के नेताओं ने पोप पर हमला गैर-जरूरी और बुद्धिमानी के विपरीत बताया है।
(गार्जियन में प्रकाशित सामग्री का अनुवादित अंश)