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बालकों के खिलाफ यौन हिंसा पर चर्चा कार्यक्रम सम्पन्न

नेपाल में बालकों के खिलाफ यौन हिंसा के विरुद्ध जनचेतना फैलाने के लिए ‘नीला छाता दिवस’ के अवसर पर एक चर्चा कार्यक्रम आयोजित किया गया। वॉइस ऑफ चिल्ड्रन और फैमिली फॉर एवरी चाइल्ड ग्लोबल एलाइंस की संयुक्त पहल से सम्पन्न इस कार्यक्रम में बालकों के खिलाफ होने वाली यौन हिंसा से संबंधित अध्ययन के तथ्य और सुझाव प्रस्तुत किए गए। सन् 2021 से हर साल 16 अप्रैल को मनाए जाने वाले नील छाता दिवस के अंतर्गत बालकों के विरुद्ध होने वाली यौन हिंसा की घटनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ नीतिगत पैरवी भी की जाती है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, महिला, बाल बालिका तथा वरिष्ठ नागरिक मंत्रालय के सह सचिव चक्रबहादुर बुढ़ाले बाल अधिकार संरक्षण के क्षेत्र में वॉइस ऑफ चिल्ड्रन द्वारा निभाई जा रही नेतृत्व भूमिका की प्रशंसा की। उन्होंने बालबालिका संबंधित ऐन 2075 के संशोधन की तैयारी की जानकारी देते हुए बताया कि इसके लिए संबंधित निकायों और व्यक्तियों से सुझाव एकत्रित किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय बाल अधिकार परिषद के सदस्य सचिव इंद्रा देवी ढकाल ने कहा कि बालकों के खिलाफ होने वाली हिंसा को समाप्त करना सरकार और संबंधित पक्षों के सहयोग से ही संभव है।

वॉइस ऑफ चिल्ड्रन के कार्यकारी निदेशक कृष्णकुमार थापा ने कहा कि महिला, किशोरी और बालिकाओं पर ही यौन हिंसा होती है, यह सामाजिक दृष्टिकोण गलत है, बालक भी यौन हिंसा के जोखिम में हैं, और इसलिए नील छाता दिवस इस तथ्य को उजागर करने में महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में वॉइस ऑफ चिल्ड्रन की वरिष्ठ कार्यक्रम प्रबंधक कृति भट्टराई ने बालकों के खिलाफ होने वाली यौन हिंसा से जुड़े आंकड़े प्रस्तुत किए।

उन्होंने बताया कि सामाजिक मूल्य–मान्यताएं, पितृसत्तात्मक सोच और ‘बेटे को हमेशा मजबूत होना चाहिए’ जैसी धारणाओं के कारण बालकों के लिए अपनी हिंसा की बात खुलकर बताना कठिन होता है। नेपाल पुलिस साइबर ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष २०७९/८० में २५३ बालबालिका साइबर अपराधों से प्रभावित हुए, जबकि वित्तीय वर्ष २०८०/८१ में यह संख्या ३५१ तक बढ़ गई है। कार्यक्रम में शामिल युवा प्रतिभागियों ने बाल सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु प्रभावशाली नीतियों और व्यवहारिक पहलों की आवश्यकता पर जोर दिया।

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