
‘कांग्रेस विवाद संवाद और सहमति से सुलझाना होगा’
नेपाली कांग्रेस के आंतरिक विवाद तेज़ हो रहे हैं। केंद्रीय अनुशासन समिति ने निवर्तमान कार्यवाहक सभापति पूर्णबहादुर खड्का से नकली लेटरपैड का उपयोग कर प्रेस विज्ञप्ति जारी करने के आरोप में सात दिन का स्पष्टीकरण मांगा है। खड्काओं ने इस निर्णय को अवैध, हास्यास्पद और निरर्थक करार देते हुए अस्वीकार किया है। उन्होंने पार्टी की आधिकारिकता से जुड़ा मामला सर्वोच्च अदालत में विचाराधीन होने और उन्होंने वास्तविक लेटरपैड का उपयोग किया होने का दावा किया है। इस विवाद ने पार्टी के भीतर अनुशासन और नेतृत्व की वैधता पर गंभीर टकराव पैदा किया है।
इस विषय पर कांग्रेस के नेता एवं पूर्व विदेश मंत्री एनपी साउद से किए गए संक्षिप्त संवाद में उन्होंने कहा, “पूर्णजी से मांगा गया स्पष्टीकरण उचित नहीं है। 14वें महाधिवेशन से निर्वाचित कार्यसमिति और विशेष महाधिवेशन से निर्वाचित कार्यसमिति के विवाद का अंतिम निर्णय अभी तक नहीं हुआ है। यह मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है, इसलिए उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करना उचित नहीं है।” उन्होंने आगे कहा, “अदालत में विचाराधीन मामलों पर पार्टी के भीतर विवाद होने से विभाजन की संभावना बढ़ती है।”
साउद ने कहा, “नेपाली कांग्रेस एक ऐतिहासिक पार्टी है। इसकी एकता लोकतंत्र और राष्ट्रवाद के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।” उन्होंने पार्टी सदस्यता अद्यतन प्रक्रिया में बदलाव से आंतरिक लोकतंत्र, निष्पक्षता और पारदर्शिता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की चेतावनी दी।
साउद ने निष्कर्ष में कहा, “नेपाली कांग्रेस में व्यापक एकता, परिवर्तन और नियमित वैधानिक प्रक्रियाओं को बाधित किए बिना ही पार्टी को मजबूत किया जा सकता है। चर्चा और संवाद से किसी भी जटिल समस्या का समाधान संभव है।”