
रक्त मच्छिन्द्रनाथ की रथयात्रा कार्य शुरू (तस्वीरों सहित)
समाचार सारांश
- रक्त मच्छिन्द्रनाथ की रथयात्रा मंगलवार से पुल्चोक से शुरू होकर ग:बहाल तक ले जाई गई।
- परंपरा के अनुसार मच्छिन्द्रनाथ को 6 महीने त:बहाल मंदिर और 6 महीने बुङ्मती में रखा जाता है।
- रथयात्रा ललितपुर के विभिन्न स्थानों पर की जाती है जहाँ भोटो प्रदर्शन के साथ समापन होता है और मत्स्येन्द्रनाथ को बुङमती में स्थापित किया जाता है।
८ वैशाख, काठमांडू। वर्षा और सहकारी देवता माने जाने वाले रक्त मच्छिन्द्रनाथ की रथयात्रा का काम आज मंगलवार से शुरू हो गया है। यह रथ पुल्चोक से तानकर ग:बहाल तक ले जाया गया है।
परंपरा के अनुसार, मच्छिन्द्रनाथ को 6 महीने त:बहाल मंदिर में और 6 महीने बुङ्मती में रखने की प्रथा है।
रक्त मच्छिन्द्रनाथ की रथयात्रा ललितपुर नगर क्षेत्र में निकाली जाती है।
नगर के विभिन्न क्षेत्रों जैसे पुल्चोक, गावहाल, सुन्धारा, लगनखेल से होते हुए जावलाखेल तक रथ को ले जाकर ‘भोटो’ दिखाकर यात्रा का समापन किया जाता है। इसके बाद मत्स्येन्द्रनाथ को बुङ्मती में ले जाकर स्थापित किया जाता है।
